भारत और यूरोपियन संघ के बीच एक बहुत बड़े समझौते की घोषणा कर दी गई है। ये समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है
जनवरी 27, नई दिल्ली:- भारत और यूरोपियन संघ के बीच एक बहुत बड़े समझौते की घोषणा कर दी गई है। ये समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है।
यूरोपीय संघ और भारत दोनों मिलकर दुनिया की 25 फीसदी जीडीपी कवर करते हैं, और ग्लोबल ट्रेड के करीब एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यूरोपीय संघ में 27 देश शामिल हैं। दोनों के बीच फिलहाल 180 बिलियन डॉलर का ट्रेड होता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित सबसे बड़ा ट्रे़ड डील करार दिया। साझा समृद्धि का नया ब्लू प्रिंट है।
इसके अलावा सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी, आपदा प्रबंधन में सहयोग के लिए समझौता हुआ। प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को वैश्विक स्थिरता और आपसी सहयोग को मज़बूती देने वाला बताया।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा कि ट्रेड समझौता यूरोपियन संघ और भारत के बीच हुआ समझौता रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ बड़े पैमाने पर लोगों के हित में है।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन ने कहा कि हमने कर दिखाया। हमने ‘मदर ऑफ ऑल डील’ को साकार कर दिखाया।
