अखंड केसरी ब्यूरो :-12 जुलाई, जम्मू: पिछले 13 दिनों में 2.66 लाख से अधिक तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा कर बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, जबकि शुक्रवार को 4,434 श्रद्धालुओं का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ।
शुक्रवार को, 4434 यात्री जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर के लिए दो सुरक्षा काफिलों में रवाना हुए। पहला सुरक्षा काफिला 64 वाहनों में 1,721 तीर्थयात्रियों को लेकर सुबह 3 बजे उत्तर कश्मीर बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। दूसरा सुरक्षा काफिला 101 वाहनों में 2,713 तीर्थयात्रियों को लेकर सुबह 3.35 बजे दक्षिण कश्मीर नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने कहा, “इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है और उत्साही तीर्थयात्रियों की भीड़ जारी है।”
29 जून को शुरू हुई इस यात्रा से लेकर गुरुवार तक 2.66 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के अंदर दर्शन किए। इसमें 10,000 से अधिक तीर्थयात्री शामिल हैं, जिन्होंने गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए दक्षिण और उत्तर बेस कैंपों से हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग किया।
गुफा मंदिर में एक बर्फ की संरचना है, जो चंद्रमा के चरणों के साथ घटती-बढ़ती रहती है। भक्तों का मानना है कि यह बर्फ की संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। यह गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। भक्त या तो पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग से या उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुँचते हैं।
पहलगाम-गुफा मंदिर की धुरी 48 किलोमीटर लंबी है और भक्तों को मंदिर तक पहुँचने में 4-5 दिन लगते हैं। बालटाल-गुफा मंदिर की धुरी 14 किलोमीटर लंबी है और तीर्थयात्रियों को दर्शन करने और बेस कैंप पर लौटने में एक दिन लगता है। इस वर्ष की यात्रा 52 दिनों के बाद 29 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन त्योहार के साथ संपन्न होगी।


