पहले भी लगा चुकीं हाजिरी से छूट की अर्जी
वकील रघबीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि बेबी महिंदर कौर की ओर से इस अर्जी का विरोध किया गया है। उनका कहना है कि कंगना रनोट इससे पहले भी कई बार हाजिरी से छूट की अर्जी दाखिल कर चुकी हैं।
पहली बार उन्होंने जरूरी काम का हवाला दिया था, जिसे स्वीकार किया गया था। उस समय लोकसभा सत्र का कारण भी सामने आया था, लेकिन अब ऐसा कोई कारण नहीं है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि कंगना रनोट की हाजिरी से छूट की अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए जाएं।
किसान आंदोलन के समय का है मामला
यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ था। बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने कंगना रनोट के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। महिंदर कौर का आरोप है कि कंगना रनोट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके खिलाफ एक पोस्ट डाली थी, जिसमें कहा गया था कि ऐसी महिलाएं धरने पर 100-100 रुपए लेकर आती हैं। इस मामले को खत्म करने के लिए कंगना रनोट ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया था।
