इंडिगो की ओर से कहा गया है कि भारी दिक्कत झेलने वालों को 5000 रुपये से 10000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि ट्रैवल वाउचर के रूप में मिलेगी और अगले 12 महीनों तक किसी भी इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल की जा सकेगी। यात्री 5000 से 10000 रुपये तक का मुआवजा कैसे पा सकते हैं और इसके लिए नियम क्या कहते हैं। चलिए आपको बताते हैं….
किस यात्री को कितना मुआवजा मिलेगा?
इंडिगो के मुताबिक जिनकी फ्लाइट रवाना होने से 24 घंटे पहले कैंसिल हुई। उन्हें 5000 से 10000 रुपये तक का वाउचर दिया जाएगा। यह रकम फ्लाइट के ब्लॉक टाइम और रूट पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही जिन यात्रियों को हवाई अड्डों पर घंटों फंसना पड़ा। भीड़ में खड़े रहना पड़ा या बार-बार गेट बदलने जैसी मुश्किलें झेलनी पड़ी। उनके लिए अलग से 10000 रुपये तक के ट्रैवल वाउचर तय किए गए हैं।
एयरलाइन कह चुकी है कि 2 से 5 दिसंबर के बीच वाली भारी अव्यवस्था में जिन यात्रियों का एक्सपीरिएं सबसे खराब रहा उन्हें प्रायरिटी दी जाएगी। यानी अगर आप भी इस दौरान परेशानी झेलने वाले यात्रियों में से रहे हैं तो मुआवजे के लिए एलिजिबल हैं।
क्लेम के लिए क्या प्रोसेस करनी होगी?
अब कई यात्रियों के मन में यह सवाल आ रहा है कि यह मुआवजा मिलेगा कैसे? तो इसके लिए तरीका आसान है। अपने डाॅक्यूमेंट जिनमें फ्लाइट बुकिंग डिटेल हो वह पास रखें। इसके बाद इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर चैनल पर जाएं। वहां रिफंड और कंपेंसेशन सेक्शन में अपनी कैंसिल हुई फ्लाइट का पीएनआर, यात्रा की तारीख, फंसे रहने की स्थिति और जो मैसेज आए उनका पूरा रिकॉर्ड अपलोड करें।
अगर एयरपोर्ट पर आपको घंटों रुकना पड़ा था, तो फोटो, वीडियो या स्टाफ द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्सन का स्क्रीनशॉट बड़ी मदद करते हैं। कई यात्री सिर्फ रिफंड ले कर छोड़ देते हैं, लेकिन इस बार मामला बड़ा था। इसलिए एयरलाइन खुद यात्रियों से रिकॉर्ड मांग रही है। जिससे वाउचर जल्दी जारी किए जा सकें।
न मिले तो यहां करें शिकायत
अगर तय समय तक इंडिगो जवाब न दे या क्लेम अटक जाए। तो DGCA के शिकायत पोर्टल पर आवेदन करें। वहां से मामला सीधे रेगुलेटर तक पहुंचता है और एयरलाइन को जवाब देना पड़ता है. चाहें तो उपभोक्ता आयोग का रास्ता भी खुला है। इंडिगो ने कहा है कि इस बार नुकसान की भरपाई की जाएगी. बस आपको अपना क्लेम समय पर और सही तरीके से दर्ज करना है।
