दरअसल, मेयर चुनाव में विवाद को लेकर कांग्रेस ने हाईकोर्ट में आवेदन दिया था। इसमें आरोप था कि कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद AAP ने अधिकारियों के साथ मिलकर मेयर को कुर्सी दिलाई। अब दो पार्षदों के AAP में शामिल होने से कांग्रेस का बहुमत कमजोर होता दिख रहा है और हाईकोर्ट में बहुमत साबित करना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

बहुमत न मिलने से मुकाबला हुआ था रोचक
अमृतसर नगर निगम के परिणाम बहुमत न होने से पेचीदा हो गया था। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी के 40, आम आदमी पार्टी के 24, भाजपा के 9, शिअद के 4 और 8 निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। हालांकि कांग्रेस पार्टी के सबसे ज्यादा 40 पार्षद जीते थे। इसके बावजूद 27 जनवरी 2025 को नगर निगम चुनाव में जितेंद्र सिंह मोती भाटिया मेयर, प्रियंका शर्मा सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता रानी डिप्टी मेयर घोषित कर दिया
कांग्रेस ने AAP पर लगाए चुनाव में धांधली के आरोप
कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगा चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने मतदान के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया था कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान AAP पार्षदों ने शपथ नहीं ली। यह वीडियो हाईकोर्ट के आदेश पर बनाया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि AAP ने कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर जबरन चुनाव अपने पक्ष में किया।
AAP नेताओं और नगर निगम अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस पार्षदों का दावा है कि चुनाव से पहले AAP नेताओं की एक बैठक अमृतसर के MK होटल में हुई थी, जिसमें नगर निगम के अधिकारी राजिंदर शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान अमृतसर के अलावा जालंधर, लुधियाना, फगवाड़ा और अन्य जिलों में भी ऐसी धांधली हुई।
