पंजाब विधानसभा में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी बिल पास नहीं:6 महीने बाद दोबारा पेश होगा

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज चौथा व आखिरी दिन है। इसमें CM भगवंत मान की ओर से सोमवार (14 जुलाई) को पेश किए धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल पर बहस हुई। हालांकि, बहस के बाद इसे पास नहीं किया गया, बल्कि CM मान के प्रस्ताव पर इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया।

अब सेलेक्ट कमेटी इस बिल पर काम करते हुए सभी धार्मिक संस्थाओं और लोगों से राय लेगी। इसके लिए 6 महीने का समय तय किया गया है। इसके बाद इस बिल को दोबारा विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में चारों धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। वहीं, बिल पर CM भगवंत मान ने कहा कि इसे नमोशी (अपमान या बदनामी) वाला बिल न कहा जाए। यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। अब सदन में नशे के मुद्दों पर बहस हो रही है। इसके लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

बहस के दौरान नेताओं के बयान…

  • बाजवा बोल- बिल में ग्रंथ चोरी का जिक्र नहीं:  बहस पर बोलते हुए विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि ऐसे बिल पर गहन अध्ययन की जरूरत होती है। इसमें ग्रंथ चोरी होने का जिक्र नहीं है। इसमें कहा गया है कि मामले की जांच DSP लेवल से नीचे का अधिकारी नहीं करेगा, लेकिन इसके लिए जांच का 30 दिन का फिक्स टाइम होना चाहिए। उन्होंने कहा- अगर जांच पूरी नहीं होती है तो 15 दिन का टाइम बढ़ाने का अधिकार SSP के स्तर पर होना चाहिए। इसके बाद जांच बढ़ाने के लिए DGP को परमिशन देने का अधिकार होना चाहिए। अगर जांच गलत पाई जाती है तो अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए। कोई धार्मिक प्रदर्शन सार्वजनिक होता है तो वहां पर गोली नहीं चलनी चाहिए।
  • AAP विधायक ने दूसरे धर्मों को सम्मान देने का मुद्दा उठाया: वहीं, AAP विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी ने गुरु के अलावा दूसरे धर्मों को भी सम्मान देना जरूरी है। आज अन्य धर्मों के ग्रंथों को पोथी कहा जा रहा है। क्या यह बेअदबी नहीं?
  • SAD विधायक ने बिल का समर्थन किया: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के विधायक मनप्रीत अयाली ने कहा- श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अलावा अन्य धार्मिक ग्रंथ भी हैं, जिनका भी सम्मान और सत्कार किया जाना चाहिए। उनकी बेअदबी नहीं होनी चाहिए। यह कानून हम पास कर भेजेंगे, और वह संसद में भी पास होना चाहिए। इसके लिए सारी पार्टियों को एकजुट होना चाहिए और साथ ही कानून पास करवाना चाहिए।
  • हमने बादलों को आरोपी बनाया: AAP मंत्री अमन अरोड़ा की ओर से सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाओं पर हमारी सरकार ने जांच की, FIR हुईं और SIT भी बनाई गईं। हमने बादलों (प्रकाश और सुखबीर सिंह बादल) को आरोपी बनाया। पिछली सरकारों में ऐसा नहीं किया।
  • बेअदबी के बाद इंदिरा गांधी की हत्या हुई: AAP विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने कहा- 1984 में दरबार साहिब पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तोपों से (ऑपरेशन ब्लूस्टार के तहत) हमला कर बेअदबी की। उसका प्रभाव इतना पड़ा कि हमारे दो सिंहों ने प्रधानमंत्री की हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली में कत्लेआम हुआ। बेअदबी का प्रभाव देश पर पड़ता है।
  • BJP विधायक बोले- हम बिल के पक्ष में: भाजपा विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा- देर आए, दुरुस्त आए। हम इस बिल का समर्थन करते हैं। हम सभी धर्मों का आदर करते हैं। सनातन धर्म में मूर्ति पूजा होती है, और प्राण प्रतिष्ठा के बाद उसकी पूजा की जाती है। मेरा मानना है कि इसे भी बिल में शामिल किया जाना चाहिए।
  • बिल में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को ध्यान नहीं रखा: निर्दलीय विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह ने कहा- मैं बिल का समर्थन करता हूं, लेकिन इसकी इंटरप्रेटेशन सही करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का ध्यान नहीं रखा गया है। “होली स्क्रिप्चर्स” शब्द का गलत उपयोग नहीं होना चाहिए।
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