मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी जालंधर में विजयदशमी पर आलौकिक हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया

जालंधर। मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में विजयदशमी पर आलौकिक हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया। सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमानो से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने अलौकिक हवन यज्ञ पर उपस्थित मां भक्तों को विजयदशमी की बधाई देते हुए कहा कि विजयदशमी का त्योहार सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन में कई महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह हमें याद दिलाता है कि भगवान राम ने सत्य के साथ ही रावण पर विजय प्राप्त की। यह हमें अपने अंदर की बुराइयों, जैसे अहंकार, क्रोध और लालच पर विजय पाने की प्रेरणा देता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कबीर दास जी के दोहे का अनुसरण करते हुए कहा कि                                       राम नाम ही हे भला, पहिले सोचे ना कोई।
सोचे जब देरी भया, तब राम-राम सत होए।।

उन्होंने दोहे का अर्थ समझाते हुए कहा कि राम नाम ही सबसे अच्छा है, हमें पहले सोचना चाहिए कि कोई और विकल्प नहीं है। लेकिन जब हम देर से सोचते हैं और अपने जीवन में समस्याएं आती हैं, तभी हम राम नाम की महत्ता को समझते हैं और राम-राम कहकर अपने जीवन को सुधारने का प्रयास करते हैं।

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि इस दोहे का बहुत सटीक और गहरा अर्थ है है कि भगवान का नाम, विशेषकर राम का नाम, ही अंतत: सबसे अच्छा और कल्याणकारी है। लेकिन जब जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, तो कोई भी व्यक्ति इस सच्चाई को गंभीरता से नहीं लेता। लोग सांसारिक सुखों और मोह-माया में उलझे रहते हैं, और ईश्वर के नाम को महत्व नहीं देते। जब जीवन में कष्ट और विपत्तियां आती हैं, जब समय बीत जाता है और मृत्यु निकट आती है, तब इंसान को अपनी गलती का एहसास होता है। उस समय वह समझता है कि राम का नाम ही एकमात्र सत्य है। जब सारी उम्मीदें खत्म हो जाती हैं, तभी वह ईश्वर को याद करता है। यह एक कड़वी सच्चाई है कि लोग अक्सर संकट में ही ईश्वर की ओर मुड़ते हैं।

नवजीत भारद्वाज जी ने इस दोहे के मां भक्तों को संदेश दिया कि हमें जीवन में भगवान के नाम का स्मरण पहले से ही करना चाहिए। ऐसा करके हम न केवल संकट के समय सहारा पाते हैं, बल्कि एक शांतिपूर्ण और सार्थक जीवन भी जी पाते हैं। राम नाम का महत्व सिर्फ संकट के समय नहीं, बल्कि हर पल है। इस नाम में अनंत शक्ति है जो व्यक्ति को आध्यात्मिक और मानसिक शांति देती है। जीवन की दौड़-धूप में अपने आध्यात्मिक पक्ष को अनदेखा नहीं करना चाहिए।  इस अवसर पर श्री कंठ जज, श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा,समीर कपूर, प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश,सीप चौहान, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया,रिंकू सैनी, कमलजीत,बलजिंदर सिंह,बावा खन्ना, धर्मपालसिंह, अमरजीत सिंह, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, विनोद खन्ना, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत ,जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, डॉ गुप्ता,सुक्खा अमनदीप , अवतार सैनी, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा,वरुण, नितिश,रोमी, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय,बलदेव सिंह भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।

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