जब कोई स्पष्ट हल नहीं निकाला गया तो कर्मचारियों ने शहर के सबसे प्रमुख पीएपी चौक फ्लाईओवर खत्म होते ही हाईवे पर धरना लगा दिया था। जोकि करीब 30 मिनट तक चला। जिससे लोगों को परेशानियों का सामान करना पड़ा। जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया था।

हाईवे पर बस कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन।
हालांकि पुलिस ने कुछ देर बाद हाईवे को खुलवा दिया और फिर से दोबारा ट्रैफिक चालू करवा दिया गया। कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया है कि 23 अक्टूबर को उक्त टेंडर पोस्टपोन कर दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत सिंह ने बताया कि सरकार एक बार फिर इस योजना के तहत नए टेंडर जारी करने जा रही है, जिससे हजारों ड्राइवरों, कंडक्टरों और छोटे बस मालिकों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा।

निजी बस कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली नीति-किसान
उन्होंने कहा कि किलोमीटर बस योजना निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली नीति है, जिसमें सरकार प्रति किलोमीटर भुगतान करती है, जबकि मेंटेनेंस, ड्राइवर और ईंधन का खर्च कंपनी को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकारी कर्मचारियों बल्कि आम जनता को भी प्रभावित करेगी, क्योंकि इससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तुरंत इस योजना को रद्द करने और कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग की है। वहीं, प्रदर्शन के चलते जालंधर बस स्टैंड से सरकारी बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप है, जबकि निजी बसें ही सड़कों पर नजर आ रही हैं।
