जालंधर, 25 दिसंबर :- नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने नगर निगम व नगर काउंसिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली सभी बेआबाद और अनुपयोगी जगहों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि इन स्थानों का नशे के आदी व्यक्तियों द्वारा दुरुपयोग रोका जा सके। जिला प्रशासकीय परिसर में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) मैकेनिज्म संबंधी बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ऐसी जगहों पर नियमित सफाई, पर्याप्त रोशनी, चारदीवारी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। साथ ही उन्होंने इन स्थानों को पार्कों, खेल मैदानों, जिम, रनिंग ट्रैक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के केंद्रों में बदलने के लिए ठोस प्रयास करने पर जोर दिया, ताकि विशेषकर युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। डा. अग्रवाल ने गांवों में भी पंचायतों और नंबरदारों के सहयोग से ऐसे क्षेत्रों का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग को इन संवेदनशील स्थानों पर सतर्क निगरानी रखने की हिदायत दी। विभिन्न विभागों द्वारा नशों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्रवाई के साथ-साथ निरंतर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं, ताकि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जा सके। डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस द्वारा नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने नशे के आदी व्यक्तियों को मुख्यधारा में वापस लाने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सभी विभागों से आपसी तालमेल और एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
