जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क जर्मनी और अमेरिका में बैठे हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसका मुख्य उद्देश्य पंजाब में आतंकी गतिविधियों और जबरन वसूली को बढ़ावा देना था।
विदेशी हैंडलरों का खतरनाक नेटवर्क
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वे सीधे तौर पर जर्मनी और USA में बैठे अपराधियों के संपर्क में थे। ये विदेशी हैंडलर पंजाब के स्थानीय आपराधिक गिरोहों को हथियारों की सप्लाई करवा रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों की भूमिका हथियारों की खेप को पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षित पहुंचाना और आतंकी गतिविधियों के लिए रसद तैयार करना था।
BKI और ग्रेनेड धमाकों से कनेक्शन
इस मामले की जड़ें प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से भी जुड़ी हैं। हाल ही में पुलिस ने BKI के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें विदेश में बैठे उनके आकाओं ने बालाचौर के पास तीन ग्रेनेड और एक IED लगाने का काम सौंपा था। बाद में इसी IED का इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश के नलगढ़ पुलिस स्टेशन के पास हुए धमाके में किया गया था।
आरोपियों का नेटवर्क केवल हथियारों की तस्करी तक ही सीमित नहीं था। ये अपराधी गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से की गई फायरिंग की घटना में भी शामिल थे। विदेश में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया और अन्य गुप्त माध्यमों से इन आरोपियों को निर्देश देते थे कि किसे निशाना बनाना है और कहां हथियारों का इस्तेमाल करना है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन के बाद PS SSOC (अमृतसर) में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि उत्तर प्रदेश से पंजाब तक इन हथियारों को लाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
