होशियारपुर के उच्ची बस्सी निवासी कुलदीप सिंह अपने बीमार समधी को दवाई दिलाने के लिए जालंधर आए थे। बस स्टैंड से उतरने के बाद उन्होंने एक ई-रिक्शा किराए पर लिया, जिसमें लक्की नाम का युवक और उसका एक साथी पहले से मौजूद थे। आरोपी ने जेब से निकाले 1700 रुपए बुजुर्ग कुलदीप सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा चालक और उसके साथी ने बड़ी चालाकी से उन्हें झांसे में लिया। उन्होंने बुजुर्गों को सीट बदलने के बहाने आगे-पीछे बैठने को कहा ताकि वे आसानी से हाथ साफ कर सकें। सफर के दौरान लक्की ने बुजुर्ग की जेब पर दो-तीन बार हाथ मारा। पहली दो बार में बुजुर्ग को शक हुआ, लेकिन तीसरी बार में आरोपी ने बड़ी सफाई से उनकी जेब से लगभग 1700 रुपये निकाल लिए और उन्हें ई-रिक्शा की गद्दी के नीचे छुपा दिया।


मौके पर पहुंची पुलिस की टीम
जैसे ही कुलदीप सिंह को अपनी जेब खाली महसूस हुई, उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आरोपी लक्की को पकड़ लिया। हालांकि, उसका दूसरा साथी मौका पाकर फरार होने में कामयाब रहा। घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर गाड़ी के कर्मचारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही
आरोपी लक्की ने माना कि वह ‘चिट्टे’ का नशा करता है और उसके हाथों पर इंजेक्शन के कई निशान भी देखे गए। उसने अपनी गलती मानते हुए कहा कि वह नशे की लत के कारण यह सब करता है। बुजुर्ग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे एक बीमार व्यक्ति का इलाज कराने आए थे और ऐसे में गरीब और बुजुर्गों को लूटना बेहद शर्मनाक है। फिलहाल पुलिस आरोपी के दूसरे साथी की तलाश कर रही है।
