जालंधर, 4 नवंबर: श्री गुरू तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित पंजाब सरकार के समागमों की श्रृंखला के तहत मंगलवार शाम जालंधर स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में आयोजित लाइट एंड साउंड शो में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 15 हजार से अधिक संगत ने भाग लेकर नौवें पातशाह श्री गुरू तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान को नमन किया।
पंजाब सरकार द्वारा आयोजित इस शो में ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरू तेग बहादुर जी की अद्भुत शहादत, त्याग, और मानवता के संदेश को डिजिटल तकनीक के माध्यम से भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ढाडी जत्थे दीदार सिंह संगतपुरा (फगवाड़ा) द्वारा वार गायन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
इस अवसर पर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि श्री गुरू तेग बहादुर जी की शहादत केवल किसी एक धर्म या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता की धार्मिक स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए थी। उन्होंने लोगों से गुरू साहिब की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज में शांति, प्रेम और सहिष्णुता का संदेश फैलाने की अपील की। मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों में श्री गुरू तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान पर आधारित लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी शुरुआत जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, पठानकोट और पटियाला से हो चुकी है।
सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि यह शो आधुनिक तकनीक के माध्यम से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत और गुरू साहिब की शिक्षाओं से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को शांति, भाईचारे और मानवीय एकता का संदेश देगी। बाली ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा देशभर में चार भव्य नगर कीर्तन सजाए जा रहे हैं, जो 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे, जहां 23 से 25 नवंबर तक शहीदी समागम होंगे। इन तीन दिनों के दौरान अखंड पाठ साहिब, सर्व धर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में प्रदर्शनी, 500 ड्रोनों वाला ऐतिहासिक ड्रोन शो और कीर्तन दरबार जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस अवसर पर मेयर विनीत धीर, चेयरमैन पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक पवन कुमार टीनू, आम आदमी पार्टी नेता राजविंदर कौर थियाड़ा, करतारपुर के विधायक बलकार सिंह की धर्मपत्नी हरप्रीत कौर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गुरू गोबिंद सिंह स्टेडियम में श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। जब लाइट एंड साउंड शो में गुरू साहिब जी की शहादत और त्याग को दर्शाया गया तो पूरा स्टेडियम “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से गूंज उठा। यह समागम न केवल पंजाब की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बना, बल्कि मानवता के लिए दी गई सर्वोच्च कुर्बानी की याद को अमर करने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध हुआ।
