जलंधर, 8 दिसंबर — बलटन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आज 19वें बलवंत सिंह कपूर यादगारी हॉकी टूर्नामेंट की शुरुआत राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण चिंतक संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा की गई। टूर्नामेंट की परंपरागत शुरुआत उन्होंने खिलाड़ियों के बीच मैच की शुरुआत से पहले गेंद को हिट कर की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि यह टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की गौरवशाली विरासत को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं हॉकी के प्रेमी रहे हैं और इस खेल ने कभी देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। कपूर परिवार द्वारा लगातार 19 वर्षों से इस टूर्नामेंट का आयोजन किए जाने की सराहना करते हुए उन्होंने इसे युवाओं में खेल भावना और अनुशासन को बढ़ावा देने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
संत सीचेवाल ने अपने संबोधन में भारतीय हॉकी के उस स्वर्णिम युग की चर्चा भी की जब हॉकी केवल घास के मैदानों पर खेली जाती थी और भारतीय टीम ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक जीतती थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में पंजाब के गांवों से आठ-आठ खिलाड़ी भारतीय टीम में चुने जाते थे, इसलिए ग्रामीण प्रतिभा को फिर से अवसर देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सीचेवाल में एस्टो-टर्फ लगाई गई है और इसी तरह गांवों में आधुनिक खेल सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जानी चाहिए ताकि खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़े। पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दे को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की हवा और पानी प्रदूषण की जद में है, जिसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन और नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब का पानी ताकत का स्रोत माना जाता था, लेकिन आज वही पानी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है।
अंत में, संत सीचेवाल ने टूर्नामेंट का ध्वज फहराकर प्रतियोगिता की आधिकारिक शुरुआत की और खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना और अनुशासन को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संदेश दिया। यह टूर्नामेंट न केवल हॉकी को आगे बढ़ाने का माध्यम है बल्कि यह पंजाब की खेल संस्कृति और विरासत को नया जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
