वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़: तीन आरोपी गिरफ्तार, सांभर के सींग, हाथाजोड़ी और जंगली बिल्ली के अंग बरामद”

जालंधर, 16 दिसंबर: पंजाब में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए वन विभाग ने वन्यजीव अंगों की तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। मुख्य वन्यजीव संरक्षक पंजाब श्री बसंत राज कुमार (IFS), मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री सतिंदर कुमार सागर (IFS) तथा संरक्षक वन, पार्क एवं संरक्षित सर्कल श्री विशाल चौहान (IFS) के दिशा-निर्देशों और वन्यजीव अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, वन मंडल अधिकारी (वन्यजीव) फिल्लौर श्री विक्रम सिंह कुंद्रा (IFS) ने गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया।

 

जालंधर रेंज के रेंज अधिकारी श्री जसवंत सिंह के नेतृत्व में गठित इस टीम में ब्लॉक अधिकारी निर्मलजीत सिंह, वन रक्षक मलकीयत सिंह, जालंधर रेंज से नवतेज सिंह बाथ तथा कपूरथला रेंज से ब्लॉक अधिकारी रणजीत सिंह, बॉबिंदर सिंह और रणबीर सिंह उप्पल शामिल थे। टीम ने नकोदर क्षेत्र में जाल बिछाया, जहां एक अधिकारी ने ग्राहक बनकर सौदा तय किया। तय स्थान पर सामग्री देने पहुंचे बोनी अरोड़ा पुत्र भारत भूषण निवासी नकोदर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी तलाशी के दौरान दो कटे हुए सांभर के सींग, छह हाथाजोड़ी तथा एक जंगली बिल्ली के अंग बरामद किए गए।

 

पूछताछ के दौरान बोनी अरोड़ा ने खुलासा किया कि यह सामग्री नकोदर निवासी शिवम गुप्ता पुत्र गुलशन राय द्वारा भेजी गई थी, जो “दुर्गा दास पंसारी” नाम से दुकान चलाता है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने शिवम गुप्ता की दुकान पर छापेमारी की, जहां उसने वन्यजीव अंगों के अवैध व्यापार में संलिप्त होने की बात स्वीकार की और बताया कि उसने यह सामग्री नकोदर के ही निवासी दीपक उर्फ काला पुत्र विजय कुमार गुप्ता से खरीदी थी, जो “विलायती राम पंसारी एंड ग्रोसरी स्टोर” नाम से दुकान चलाता है। टीम ने तत्परता से दीपक उर्फ काला की दुकान पर भी छापा मारा और वहां से दो कटे हुए सांभर के सींग और एक हाथाजोड़ी बरामद की।

 

वन विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों को बरामद सामग्री सहित गिरफ्तार कर थाना नकोदर में पेश किया, जहां उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2003) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस अवसर पर रेंज अधिकारी जसवंत सिंह ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव अंगों का व्यापार एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

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