इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान के इस टूर्नामेंट से हटने की बातें कही जा रही थीं। एक महीने पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था। हालांकि, भारत सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा दिया था।
एशिया कप जीतने वाली टीम को वर्ल्ड कप का टिकट
एशिया कप से हटने के साथ ही पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने का एक मौका गंवा दिया है। दरअसल, एशिया कप जीतने वाली टीम को वर्ल्ड कप का टिकट मिलता है। हॉकी का अगला वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा।
एशिया कप का गौरवशाली इतिहास
एशिया कप हॉकी की शुरुआत 1982 में पाकिस्तान के कराची में हुई थी। तब से लेकर अब तक यह टूर्नामेंट एशियाई हॉकी का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन बना हुआ है। इसके इतिहास में सबसे सफल टीम दक्षिण कोरिया रही है, जिसने पांच बार यह खिताब अपने नाम किया है।
भारत और पाकिस्तान दोनों ने तीन-तीन बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत आठ बार फाइनल में पहुंची है, लेकिन पांच बार हार का सामना करना पड़ा है। यह आंकड़ा भारतीय हॉकी की निरंतरता और दृढ़ता को दर्शाता है।
पाकिस्तान की जगह खेल सकता है बांग्लादेश
बांग्लादेश की टीम 29 अगस्त से शुरू हो रहे एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की जगह खेल सकती है। यह टूर्नामेंट बिहार के राजगीर में आयोजित होने जा रहा है। हॉकी इंडिया के एक सीनियर अधिकारी ने PTI से कहा- ‘अगर पाकिस्तान अगले 2 दिनों में अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं करता है, तो उसे बांग्लादेश से बदला जा सकता है।
