इससे पहले बहबल कलां गोलीकांड का मामला भी चंडीगढ़ ट्रांसफर किया जा चुका है। चरनजीत शर्मा के वकील तनहीर सिंह ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा का मुद्दा से उठाया। जब भी उनके क्लाइंट पेशी पर जाते हैं, तो वे स्वयं को असहज महसूस करते हैं और उन्हें किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि फरीदकोट में पहले डेरा प्रेमियों की हत्या हो चुकी है और कुछ घटनाएं पुलिस कस्टडी में भी हुई थीं।
फायरिंग में दो युवकों की मौत हुई थी
12 अक्टूबर 2015 को फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना हुई। इसके बाद सिख संगठनों ने कोटकपूरा और बहबल कलां में विरोध प्रदर्शन किए, जिसे पुलिस ने खत्म कराने की कोशिश की। इस दौरान 14 अक्टूबर को कोटकपूरा और बहबल कलां में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का प्रयोग किया। बहबल कलां में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 2 सिख युवकों की मौत हो गई थी।
गोलीकांड मामले में कुल 8 आरोपी
चालान में SIT ने पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल, शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल, तत्कालीन DGP सुमेध सिंह सैनी, तत्कालीन IG परमराज उमरानंगल, SSP मोगा चरणजीत शर्मा, SSP फरीदकोट सुखमंदर मान, DIG फिरोजपुर अमरसिंह चाहल और तत्कालीन SHO सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह को आरोपी बनाया गया है।
