अखंड केसरी ब्यूरो :- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक चौंकाने वाला बयान देते हुए दावा किया कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक तत्काल और संभवतः स्थायी संघर्षविराम कराने में मदद की थी। ट्रंप ने कहा, “शनिवार को, मेरे प्रशासन ने एक तत्काल युद्धविराम को मध्यस्थता के माध्यम से सुनिश्चित किया, जो मुझे लगता है कि स्थायी भी हो सकता है, और यह भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच हुआ, जिनके पास काफी संख्या में परमाणु हथियार हैं।” इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों और कश्मीर मुद्दे को लेकर कई बार सैन्य टकराव की स्थिति बन चुकी है। ट्रंप के इस दावे ने नई बहस को जन्म दिया है कि क्या वाकई उनके कार्यकाल में पर्दे के पीछे ऐसी कोई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल हुई थी, जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया था। भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश इस तरह के किसी समझौते की औपचारिक पुष्टि नहीं कर चुके हैं, लेकिन ट्रंप के बयान से यह संकेत मिलता है कि उनके कार्यकाल में दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने को लेकर कुछ प्रयास जरूर किए गए होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ट्रंप की चुनावी रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है, जिसमें वे अपनी वैश्विक कूटनीतिक सफलताओं को गिनवाना चाहते हैं।
