अमृतसर, 8 अप्रैल — बैसाखी के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले जत्थे को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सचिव बलविंदर सिंह काला ने बताया कि पाकिस्तान हाई कमीशन को भेजे गए 1795 पासपोर्टों में से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी कर दिया गया है, जबकि 32 आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वीजा संबंधित दस्तावेज पासपोर्ट कार्यालय में पहुंच चुके हैं और श्रद्धालु वहां से अपने वीजा प्राप्त कर सकते हैं। यह जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्री तेजा सिंह समुंदरी हॉल, अमृतसर से विशेष बसों के माध्यम से अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। जत्था 14 अप्रैल को गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में आयोजित मुख्य बैसाखी समारोह में भाग लेगा और इसके अलावा अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के भी दर्शन करेगा, जिसके बाद 19 अप्रैल को भारत वापसी होगी। SGPC ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को धार्मिक तीर्थ यात्रा के रूप में ही देखें, न कि सैर-सपाटे के रूप में, और पूरी यात्रा के दौरान सख्त पंथिक अनुशासन बनाए रखें। कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे देश की छवि को ठेस पहुंचे। वहीं, वीजा रद्द होने के मुद्दे पर सचिव ने सुझाव दिया कि दूतावास द्वारा दस्तावेजों में कमी की जानकारी पहले ही दे दी जाए, ताकि श्रद्धालु अपनी त्रुटियों को सुधार कर इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकें और गुरुद्वारों के दर्शन की उनकी लंबे समय से संजोई इच्छा पूरी हो सके।
