भारत-रूस 22वें अंतर-सरकारी आयोग में रक्षा साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी”**

नई दिल्ली — आज राजधानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष आंद्रेई बेलौसोव की सह-अध्यक्षता में आयोजित 22वें India‑Russia Inter‑Governmental Commission on Military & Military Technical Cooperation (IRIGC-M&MTC) की मंत्रिस्तरीय बैठक में दोनों देशों के रक्षा व रक्षा-तकनीकी संबंधों के समस्त आयामों की समीक्षा की जाएगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में वे द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी के वर्तमान स्वरूप, चल रही परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की संभावित सहयोग योजनाओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही आपसी हित के समकालीन क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।

 

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक के दौरान दोनों पक्ष पारंपरिक खरीद–फरोख्त से आगे बढ़कर संयुक्त अनुसंधान, विकास, सह-निर्माण व उन्नत रक्षा तकनीकों के क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ावा देने की दिशा में बातचीत करेंगे। योजना है कि संयुक्त रक्षा उत्पादन, स्पेयर पार्ट्स के ‘मेक इन इंडिया’ माध्यम से उत्पादन, तथा आधुनिक हथियार प्रणालियों के लिए सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

इसके अलावा, इस दौर की यात्रा के दौरान श्री बेलौसोव राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और भारत के सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूतों को श्रद्धांजलि देंगे — यह प्रतीकात्मक कदम बताता है कि रक्षा साझेदारी सिर्फ हथियार या रणनीति तक सीमित नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सम्मान, विश्वास व साझे इतिहास की भावना पर भी आधारित है।

 

इस बैठक का परिणाम न सिर्फ भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगा, बल्कि क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच दोनों देशों की सुरक्षा, तकनीकी व राजनयिक क्षमता को भी एक समन्वित फ्रेमवर्क दे सकता है।

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