SGPC कर्मचारियों का नया रूप: सिखी पहनावे में पहुंचे दफ्तर, मूल मंत्र से की शुरुआत , सप्ताह में 3 दिन ड्रेस कोड रहेगा लागू

एसजीपीसी ने ड्रेस कोड किया लागू।
अमृतसर– शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सभी कर्मचारी आज से ड्यूटी के दौरान पारंपरिक सिख पहनावा कुर्ता-पजामा में दिखे। पिछले दिनों कमेटी ने ड्रेस कोड लागू किया था। इस कदम का उद्देश्य सिख मर्यादा और परंपराओं को सुदृढ़ करना है। पहले चरण में यह नियम सप्ताह के तीन दिन-गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को लागू रहेगा। इन निर्धारित दिनों में सभी कर्मचारियों को सिखी पहनावे में उपस्थित रहने के निर्देश मिले थे। वीरवार को इसका असर भी देखने को मिला।

आचरण के माध्यम से सिख परंपराओं की मर्यादा का पालन करने का आह्वान

प्रतिदिन ड्यूटी शुरू करने से पहले सामूहिक रूप से मूल मंत्र और “वाहेगुरु” गुरुमंत्र का जाप करना भी अनिवार्य किया गया है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि गुरुद्वारों में सेवा करने वाले प्रत्येक सेवादार और कर्मचारी की यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी वेशभूषा और आचरण के माध्यम से सिख परंपराओं की मर्यादा का पालन करें।

काहलवां ने आगे कहा कि गुरुद्वारा साहिबानों का प्रबंधन संगत के सहयोग से संचालित होता है। इसलिए, यहां कार्यरत सभी कर्मचारियों, सेवादारों और अधिकारियों को सादगीपूर्ण और पारंपरिक जीवनशैली अपनानी चाहिए, ताकि सिखी सिद्धांतों की स्पष्ट झलक दिखाई दे।

एसजीपीसी के सभी गुरुद्वारों पर लागू होगा आदेश

यह निर्णय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब सहित SGPC के अंतर्गत आने वाले सभी गुरुद्वारों के स्टाफ पर लागू होगा। वर्तमान में इसे तीन दिनों के लिए लागू किया गया है, लेकिन निकट भविष्य में इसे पूरे सप्ताह के लिए अनिवार्य करने की योजना है। शिरोमणि कमेटी ने अपने कर्मचारियों से यह अपील भी की है कि वे केवल निर्धारित तीन दिनों तक ही सीमित न रहें, बल्कि पूरे सप्ताह कुर्ता-पजामा पहनकर ड्यूटी पर आएं।

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