लुधियाना में गोल्डी बराड़ गैंग का भंडाफोड़: 10 शूटर-सप्लायर गिरफ्तार, विदेशी ग्लॉक समेत 12 हथियार बरामद

लुधियाना लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़े हथियार सप्लाई और उगाही मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। तीन हफ्तों की लगातार कार्रवाई में पुलिस ने 10 शूटर और सप्लायर को गिरफ्तार कर 12 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं।

विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की ओर से इस बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जानकारी साझा की है। आरोपियों से पुलिस ने 2 ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्टल समेत 10 अन्य अत्याधुनिक हथियार जब्त किए। यह गिरोह पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी, उगाही और सुपारी किलिंग में सक्रिय था। गैंग राज्य में दहशत का माहौल बनाने की साजिश रच रहा था।

पुलिस द्वारा बरामद किए गए हथियार (फोटो)
पुलिस द्वारा बरामद किए गए हथियार (फोटो)

BNS और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी है। पंजाब पुलिस ने दोहराया कि वह राज्य से गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी कार्रवाई जारी रहेंगी।​​

पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा

रविवार को दोपहर बाद प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि, 12 दिसंबर 2025 को लुधियाना पुलिस ने PS डिवीजन नंबर 4 में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ऑपरेशन के कारण आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जतिन सैम, जसप्रीत सिंह जस्सू, शुभम ग्रोवर, जतिन कटारिया, राजेश कन्नू, मानव, विकासपाल और नरेश सेठी शामिल हैं।

लुधियाना पुलिस द्वारा बरामद किए गए हथियार। - Dainik Bhaskar
मीडिया से बात करते लुधियाना पुलिस कमिश्नर।

ऑपरेशन के दौरान सात अवैध हथियार बरामद किए गए जिनमें दो 9mm ग्लॉक पिस्तौल ऑस्ट्रिया निर्मित शामिल हैं, साथ ही मैगजीन और जिंदा कारतूस भी मिले। पकडे़ गए आरोपी बंदूक की नोक पर जबरन वसूली, अवैध हथियारों की तस्करी और अन्य हिंसक अपराधों में शामिल थे।

हालांकि गोल्डी बराड़ अभी भी विदेश में है, लेकिन कानूनों के तहत उस पर मुकदमा चलाने के लिए कानूनी कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने ये भी बताया कि 5 जनवरी 2026 को थाना सलेम टाबरी में धारा 109 BNS और आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत FIR भी दर्ज की। इस मामले में आरोपी जतिन मट्टू मकड़ा और कुणाल मच्छी ने कथित तौर पर एक पीड़ित पर गोली चलाई जिसका वर्तमान में DMC अस्पताल में इलाज चल रहा है।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास : सीपी

इस हमले के बाद पुलिस ने जतिन मट्टू मकड़ा और मुकुल को गिरफ्तार किया और पांच अवैध हथियार जब्त किए जिनमें विदेशी और घरेलू निर्मित दोनों तरह की पिस्तौल शामिल हैं। अपराध में शामिल बाकी लोगों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। संगठित अपराध नेटवर्क और टेक्नोलॉजी-आधारित ऑपरेशन:

कमिश्नरेट पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि ये ऑपरेटिव राज्य के अंदर और बाहर मौजूद कई हैंडलर्स के जरिए एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे। बातचीत के लिए एडवांस्ड, एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे, जिससे अधिकारियों के लिए उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

आरोपियों के कब्जे से बरामद हुए हथियार।
आरोपियों के कब्जे से बरामद हुए हथियार।

डिलीवरी के लिए करते थे पिक एंड ड्राप का तरीका

इसके अलावा पकड़े जाने से बचने के लिए हथियारों की डिलीवरी के लिए एक गुप्त पिक-एंड-ड्रॉप तरीका इस्तेमाल किया जाता था। इस अवैध हथियार तस्करी और जबरन वसूली नेटवर्क को खत्म करने के लिए लुधियाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच और जोनल अधिकारियों के तहत स्पेशल टीमें बनाईं।

लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के संगठित अपराध अवैध हथियार तस्करी और हिंसक आपराधिक गिरोहों से निपटने के लगातार प्रयास विभाग की सार्वजनिक सुरक्षा और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं। पुलिस शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के अपने मिशन में पीछे नहीं हटेगी।

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