आयोग के आदेश पत्र के अनुसार, डीएसपी बल पर पॉक्सो एक्ट-2012 की धारा 21 और भारतीय न्याय संहिता 199 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश पूर्व एसएचओ भूषण कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट मामले में धारा 21 की बढ़ोतरी के बाद आया है।
बाल आयोग की तरफ से लिखा गया लेटर।कानून से ऊपर नहीं पुलिस अधिकारी
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि इंस्पेक्टर भूषण कुमार पर महिला के साथ अश्लील बातचीत के मामले में धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया जाए और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए। बाल आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा और नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, आयोग के हस्तक्षेप के बाद अगले दो से तीन दिनों में डीएसपी देहाती पर भी कार्रवाई की संभावना है।
DSP बल क्या बोले?
इस मामले में DSP बल का कहना है कि उन पर SHO भूषण कुमार को बचाने के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो सही नहीं हैं। मैंने पूरी जांच की है। मैंने ही सबसे पहले उसे लाइन हाजिर किया, सस्पेंड किया। केस दर्ज किया। इतना जरूर है कि बाल आयोग को अभी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई हैं। उनको सारी जांच की रिपोर्ट सौंप दी जाएंगी। सारी कार्रवाई सही ढंग से और कानून के दायरे में रहकर हुई है।
