लीगल नोटिस में कहा-सोशल मीडिया पर एक महीने तक माफी मांगें
सिद्धू मूसेवाला की मां की तरफ से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि चरण कौर के खिलाफ टिप्पणियां बंद की जाएं। इसके साथ ही 15 दिन के अंदर चरण कौर से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी जाए और इसे समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाया जाए।
संगठन के सभी सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफार्मों (फेसबुक पेज सहित) पर कम से कम 30 दिनों के लिए माफी की पोस्ट की जानी चाहिए। माफी का मसौदा चरन कौर से पढ़वाए बिना प्रकाशित न किया जाए। आपके एक्शन से चरन कौर को हुई मानसिक पीड़ा, सदमे और उनकी प्रतिष्ठा तथा सार्वजनिक स्थिति को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपए दिए जाएं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, 2 साल की सजा का प्रावधान
नोटिस में कहा गया है कि अगर 15 दिन में माफी नहीं मांगी और इस माफी को सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित न किया तो आपके खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जाएगा। कोर्ट में केस किया जाएगा। बीएनएस की धारा 356 के तहत क्रिमिनल मुकदमा होगा। क्षतिपूर्ति के लिए सिविल मुकदमा शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस में शिकायत भी दर्ज की जाएगी। इस अपराध के लिए धारा 356(2) के तहत 2 साल की जेल, जुर्माना और सामुदायिक सेवा शामिल है।
10 दिसंबर को DC दफ्तर के बाहर लाया गया पुतला
जालंधर में कुछ दिन पहले भाना सिद्धू ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी मामले में पास्टर अंकुर नरूला के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में तेजस्वी मिन्हास भी मौजूद थे। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तेजस्वी मिन्हास को पुराने मामले में अरेस्ट कर लिया था। इसके बाद उसे कोर्ट से बेल लेनी पड़ी।
अंकुर नरूला के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के विरोध में क्रिश्चन समुदाय ने 10 दिसंबर को डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें तीन पुतले लाए गए जिनमें एक पर सिद्धू मूसेवाला की मां की फोटो लगी थी। क्रिश्चियन समुदाय ने गलती मानी थी प्रदर्शन में लाए गए सिद्धू मूसेवाला की मां के पुतले पर बाद में क्रिश्चियन समुदाय ने गलती मानी। 10 दिसंबर को ही प्रैस कॉन्फ्रेंस कर कहा गया कि ये पुतला गलती से आ गया। उन्होंने किसी दूसरी महिला का पुतला जलाना था। गलती से पुतले के ऊपर सिद्धू मूसेवाला की मांग की तस्वीर लग गई थी। उन्होंने पुतला जलाने से पहले उस तस्वीर को उतार लिया था और अपने पास सुरक्षित रख लिया है।
सिद्धू मूसेवाला की मां का पुतला लाने से प्रशंसक नाराज
सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर का पुतला लाए पर मूसेवाला के प्रशंसकों में नाराजगी पाई गई। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर क्रिश्चियन समुदाय से इसके लिए माफी मांगने के लिए कहा। प्रशंसकों ने कहा था कि इस मामले से चरण कौर का क्या लेना-देना। उनको बिना कारण बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे विवाद के बीच कुछ लोगों ने दावा किया कि क्रिश्चियन की संस्था का इरादा भाना सिद्धू की मां का पुतला जलाने का था, लेकिन गलती से चरण कौर की तस्वीर वाला पुतला आ गया।
