जालंधर, 12 नवंबर — जालंधर जिले में असहाय और आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने मिशन मोड में काम शुरू कर दिया है। उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिला पशु कल्याण समिति एवं एसपीसीए (SPCA) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि **31 दिसंबर तक शहर की सड़कों से सभी असहाय जानवरों को हटाकर गौशालाओं में भेजा जाए।** उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य **31 मार्च तक पूरे जिले को असहाय पशुओं की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है।**
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक लगभग **150 असहाय जानवरों को सुरक्षित रूप से गाय झुग्गियों में भेजा जा चुका है।** उन्होंने शाहकोट स्थित कनिया कलां गौशाला में जल्द ही **नए शेड निर्माण** की जानकारी भी दी, जिससे पशुओं को बेहतर आश्रय मिल सकेगा।
उपायुक्त ने जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को सड़कों पर कोई असहाय पशु दिखे तो वह उसकी जानकारी **प्रशासन की हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर 9646-222-555** पर भेज सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग पशुओं को सड़कों पर असहाय छोड़ते हैं, उनके खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
इसके साथ ही, डॉ. अग्रवाल ने **पशु जन्म नियंत्रण (ABC)** कार्यक्रम के तहत कुत्तों की नसबंदी के चल रहे कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे और तेज़ गति से पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जालंधर प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ शहर को स्वच्छ बनाना ही नहीं, बल्कि पशुओं को भी सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है — जिससे मानव और पशु, दोनों के जीवन में संतुलन और करुणा बनी रहे।
