CM मान की तरफ से सड़क निर्माण के लिए गठित फ्लाइंग स्क्वॉड एक्शन: घटिया रोड बनाने पर JE टर्मिनेट, SDO को नोटिस

फ्लाइंग स्क्वॉड मानसा में माखा चहलां रोड की जांच करती हुई। - Dainik Bhaskar
फ्लाइंग स्क्वॉड मानसा में माखा चहलां रोड की जांच करती हुई।

चंडीगढ़- पंजाब CM भगवंत मान की तरफ से सड़क निर्माण के लिए गठित फ्लाइंग स्क्वॉड एक्शन में आ गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड को मानसा में मार्केट कमेटी भीखी के माखा चहलां विशेष संपर्क मार्ग पर औचक निरीक्षण के दौरान खामियां मिलीं। खराब क्वालिटी पर फ्लाइंग स्क्वॉड ने पंजाब मंडी बोर्ड के JE गुरप्रीत सिंह को टर्मिनेट कर दिया।

वहीं, SDO को नोटिस जारी किया। SDO के अधीन आने वाले सभी कार्य तुरंत प्रभाव से वापस लिए गए। सोमवार को टीम भीखी में पहुंची थी। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कॉन्ट्रैक्टर भी मौजूद रहा।

सड़क की पैमाइश करती फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम।
सड़क की पैमाइश करती फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम।

हैवी ट्रैफिक निकलेगा, तो सड़क टूट जाएगी

टीम ने चेकिंग के दौरान SDO को कहा कि बर्म के साथ कुछ तो लगा दो, जब हैवी ट्रैफिक निकलेगा, तो सड़क टूट जाएगी। इसके बाद टीम ने सड़क के सैंपल लिए। एक वर्ग गज एरिया की पैमाइश कर सड़क को उखाड़कर उसकी लुक निकाली गई।

फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारी ठेकेदार से सवाल पूछते हुए।
फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारी ठेकेदार से सवाल पूछते हुए।

कॉन्ट्रैक्टर से पूछा- आपने क्या किया

फिर कॉन्ट्रैक्टर से पूछा गया आपने क्या किया है, पीसी डाली है। अधिकारी ने उससे पूछा कि क्या आपको अंदाजा है कि कितना वेट चाहिए?। ठेकेदार ने कहा 4800 ग्राम। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सील कोट डालने के बाद 5250 ग्राम वेट होना चाहिए, जबकि सड़क पर सील कोट बिल्कुल फ्रेश पड़ा था।

इसके बाद सैंपल को सील किया गया और अटैच किया गया। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे एक्शन लिया गया।

सड़क का कुछ हिस्सा उखाड़कर उसके सैंपल लिए गए।
सड़क का कुछ हिस्सा उखाड़कर उसके सैंपल लिए गए।

19 हजार KM सड़कों की अपग्रेडेशन पर सख्ती

पंजाब सरकार 19 हजार किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों की रिपेयर और अपग्रेडेशन का काम करवा रही है। सड़कों के काम पर नजर रखने के लिए सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें गठित की हैं। सरकार ने तय किया कि सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें 2022-23 से 2025-26 तक अपग्रेड की जा रही सड़कों की जांच और निगरानी करेंगी। इसके पीछे कोशिश यही है कि काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। प्रोजेक्ट पर कुल 3,425 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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