चंडीगढ़। हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड का मामला सुलझ नहीं रहा है। लगातार 6 दिन से IPS के परिवार और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। आज (सोमवार) को सातवां दिन है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। कल रविवार को चंडीगढ़ पुलिस ने IPS की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार को नोटिस भेजकर शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। चंडीगढ़ प्रशासन पोस्टमॉर्टम PGI के डॉक्टरों से कराएगी। इस बोर्ड में बैलिस्टिक एक्सपर्ट और मजिस्ट्रेट भी शामिल होगा।
हालांकि IAS अफसर अमनीत, उनके पंजाब के बठिंडा से MLA भाई अमित रतन कोटफत्ता पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को हटाने पर अड़े हुए हैं। सरकार रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनियां को हटाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर चुकी है। वहीं तेलंगाना के डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का पूरन कुमार की पत्नी से शोक जताने के लिए उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर पहुंच गए हैं। पूरन कुमार मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। आंध्र प्रदेश से अलग होकर ही तेलंगाना राज्य बना है।
- दलित समाज के संगठनों की रविवार को हुई महापंचायत में चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन को डीजीपी और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजराणिया की गिरफ्तारी को लेकर 48 घटे का अल्टीमेटम दिया है।
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी इस मामले में एक्टिव होते नजर आ रहे हैं। रविवार देर रात उनके चीफ मीडिया एडवाइजर सुदेश कटारिया ने अमनीत से मुलाकात की।
- पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी IPS पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के DGP से रिपोर्ट मांगी है।
- चंडीगढ़ पुलिस की SIT ने IPS के गनमैन सुशील पर रोहतक में दर्ज करप्शन केस की भी जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सरकार से रिकॉर्ड मांगा गया है। IPS पूरन ने सुसाइड नोट में इस केस में फंसाने का आरोप लगाया था।
- IPS सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस ने SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) की जगह अब धारा 3(2)(V) लगाई है। इसमें उम्रकैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। जबकि पहले लगाई धारा 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान था।
