चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी में फिर से माहौल बिगड़ने के आसार; किसी भी हाल में परीक्षा नहीं होने देंगे- पीयू बचाओ मोर्चा का एलान

चंडीगढ़- पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में एक बार फिर से माहौल बिगड़ने के आसार हैं। क्योंकि पीयू बचाओ मोर्चा की ओर से ऐलान किया गया है कि कल किसी भी हाल में परीक्षा नहीं होने देंगे। गेट नंबर एक और दो दोनों पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। मोर्चा ने आज शाम को बैरीकेडिंग को हटाने की भी घोषणा की है। ऐसे में बुधवार को पीयू कैंपस में मौहाल तनावपूर्ण बना रहेगा।

पंजाब यूनिवर्सिटी में आगामी सत्र की शैक्षणिक तैयारियों और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कुलपति प्रो. रेनू विग की अध्यक्षता में सोमवार को यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) के सभी चेयरपर्सन की बैठक हुई थी। बैठक में आने वाले शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा और एडमिशन आउटरीच को मजबूत करने पर चर्चा की गई।

बैठक में उठे सवालों के जवाब में कुलपति प्रो. विग ने स्पष्ट किया कि 26 नवंबर को विश्वविद्यालय में कार्य दिवस रहेगा और सभी शिक्षक, विभागाध्यक्ष सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक विभागों में उपस्थित रहें। जिन विद्यार्थी समूहों की ओर से परीक्षाएं बाधित करने की कोशिश की जा सकती है, उन्हें शिक्षकों को समझाना चाहिए कि विरोध करना उनका अधिकार है, लेकिन परीक्षा देना चाहने वाले छात्रों का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अधिकतर विद्यार्थी देना चाहते हैं परीक्षा

कुलपति ने विद्यार्थियों से मिले फीडबैक का हवाला देते हुए कहा कि बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं। विद्यार्थी इस बात से चिंतित हैं कि यदि परीक्षाएं बाधित हुईं, तो इससे प्लेसमेंट, अकादमिक कैलेंडर और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है, जबकि विरोध का उद्देश्य भी उनके लिए स्पष्ट नहीं है।

प्रवेश प्रक्रिया के लिए अभियान तेज करने के निर्देश

प्रो. विग ने सभी विभागों को अपने कार्यक्रमों को प्रचारित करने के निर्देश दिए। प्रवेश की अंतिम तिथि 14 दिसंबर है। पीयू सीईटी यूजी की परीक्षा 28 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने एक विशेष समिति गठित करने की घोषणा की, जिसमें संबंधित विभागों के चेयरपर्सन और डायरेक्टर पब्लिक रिलेशंस शामिल होंगे, ताकि प्रवेश अनुसूची का प्रचार किया जा सके।

स्कूलों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार पर जोर

कुलपति ने कहा कि पीयू ने इस बार प्रवेश अभियान को पहले शुरू कर दिया है, इसलिए विभागों को चाहिए कि वह अपनी विशेषताओं को ब्रॉशर, फ्लायर आदि के माध्यम से प्रचारित करें और कक्षा 12 के छात्रों तक खासकर चंडीगढ़, पंजाब और आसपास के राज्यों के डीपीआई स्कूलों में जाकर पहुंच बनाएं। उन्होंने एनईपी आधारित कोर्स, होटल मैनेजमेंट कार्यक्रमों और अन्य नई संभावनाओं को प्रमुखता से उजागर करने को कहा।

बैठक में ये रहे मौजूद

साथ ही अखबारों, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया, तिथियों और कोर्स के दायरे को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। बैठक में डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. योजना रावत, रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा, प्रो. मीनाक्षी गोयल, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. जगत भूषण, एफडीओ डॉ. विक्रम नैयर और सभी शिक्षण विभागों के चेयरपर्सन उपस्थित रहे।

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