जालंधर, 12 मई:**पंजाब पुलिस द्वारा नागरिकों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत जालंधर ग्रामीण पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जालंधर ग्रामीण, **हरविंदर सिंह विर्क** ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि पुलिस कप्तान (जांच) **वनीत अहलावत** के नेतृत्व में जिला सांझ केंद्र और सीआईए स्टाफ की टीमों ने तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के जरिए 120 और गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत करीब **25 लाख रुपये** आंकी गई है, जिन्हें आज विधिवत रूप से उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया।
इस ऑपरेशन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए एसएसपी विर्क ने बताया कि गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों को सांझ केंद्रों में दर्ज कर **CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर)** पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इस अत्याधुनिक पोर्टल और गहन डेटा विश्लेषण की मदद से पुलिस टीमें फोन की लोकेशन ट्रेस करती हैं। इस विशेष अभियान में सब-इंस्पेक्टर दलविंदर सिंह (प्रभारी जिला सांझ केंद्र) और इंस्पेक्टर पुष्प बाली (प्रभारी सीआईए स्टाफ) की टीमों ने दिन-रात मेहनत कर इन फोनों को ट्रैक किया। गौरतलब है कि इस नई बरामदगी के साथ जालंधर ग्रामीण पुलिस अब तक कुल **419 मोबाइल फोन** बरामद कर चुकी है, जिससे जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास और भी सुदृढ़ हुआ है।
एसएसपी विर्क ने इस दौरान नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि वर्तमान दौर में मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत डेटा, बैंकिंग विवरण और यादों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी का फोन गुम या चोरी होता है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। समय पर शिकायत दर्ज कराने से न केवल फोन की बरामदगी की संभावना बढ़ती है, बल्कि मोबाइल का इस्तेमाल किसी असामाजिक तत्व द्वारा आपराधिक गतिविधियों या साइबर क्राइम के लिए किए जाने से भी रोका जा सकता है। पंजाब पुलिस ने दोहराया कि वह भविष्य में भी ऐसी मुहिम जारी रखेगी ताकि आम जनता की संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
