जानकारी अनुसार, अमृतपाल 21 जून को दोपहर 12 बजे खेती करने के लिए घर से निकला था और भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार अपनी खेती के लिए गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। चार दिन पहले पाकिस्तान ने अमृतपाल के अपनी सीमा में होने से इनकार किया था, लेकिन अब उसकी स्थिति स्पष्ट हो गई है।
पाकिस्तान की तरफ दिखे पैरों के निशान
जानकारी के अनुसार अमृतपाल सिंह के पैरों के निशान पुलिस और परिवार को पाकिस्तान की तरफ जाते मिले थे। इस मामले में बीएसएफ का पहले कहना था कि पाकिस्तान से तीन बार मीटिंग हो चुकी है l पाकिस्तान ने अमृतपाल के पाक में होने से इनकार कर दिया था।
खेत में जाने की एंट्री, वापस नहीं लौटा
अमृतपाल के पिता जगराज सिंह का कहना है कि 21 तारीख को शनिवार उसका बेटा खेती करने के लिए भारत पाक तारबंदी के उस पार गया था। लेकिन वापस नहीं लौटा
बीएसएफ ने भारत पाक सरहद की अंतरराष्ट्रीय सरहद पर लगे गेट पर खेत को जाते हुए की एंट्री करने और वापिस लौटने की एंट्री न करने की बात कही, तो उन्होंने बताया कि उनका बेटा घर नहीं आया है। जब बाद में तार पार जाकर देखा तो लड़के के पैरों के निशान पाकिस्तान की ओर जाते दिखाई दिए।
जगराज सिंह ने कहा कि मैं हार्ट का मरीज हूं इस कारण पिछले 4-5 साल से खेती करने नहीं जा रहा था। इसी कारण अमृतपाल 5 साल से अकेला खेती करने जाता था। हमारे परिवार में मेरा एक बेटा और बेटी है।
अमृतपाल का एक 4 महीने का बेटा है। हमें खेती के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय मिलता है। 21 जून को गर्मी अधिक थी जिस कारण उनका बेटा गलती से बार्डर पार कर गया। सरकार से मांग है कि मेरे बेटे को सकुशल वापस भारत लाया जाए। बीएसएफ हमारा पूरा साथ दे रही है।
परिवार का इकलौता लड़का
इस घटना को आज 10 दिन बीत गए है और परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है l अमृतपाल अपने परिवार का इकलौता लड़का था l जिसका चार महीने का बच्चा है l मौके पर भाजपा जिला नेता सुखविंदर सिंह काका कंबोज ने परिवार को आश्वासन दिया है कि जल्द ही केन्द्र सरकार से बातचीत करके अमृतपाल को वापस लाया जाएगा।
उधर, गुरुहरसहाय थाना के एसएचओ जसविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि उनके पास बीएसएफ और परिवार द्वारा लिखित में पत्र देकर सूचित किया गया है कि लड़का पाकिस्तान चला गया है l
