टीचर और गुरुओं से बड़ा कोई नहीं
सीएम ने कहा कि माता पिता, टीचर और गुरुओं से बड़ा कोई नहीं हो सकता। सचिन, कोहली और कपिल देव के कोच को आप पहचान नहीं सकते है। जब वह अपने कोच के पांच छूते तो लोगों को उनके बारे में पता चलता है। अध्यापक कोई रोजगार नहीं बल्कि मिशन है, गुरु विद्या की रोशनी देने वाला है। सीएम ने कहा कि वह खुद एक अध्यापक के बेटे हैं। अध्यापकों को इससे खुशी मिलती है कि उनके पढ़ाए बच्चे तरक्की कर रहे है।

हम शिक्षा के क्षेत्र में 28 से 17वें नंबर पर आएः सीएम
सीएम ने कहा कि आज हमारी सरकार 71 शिक्षकों को सम्मानित करने जा रही है। आपकी वजह से ही हमारे बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में मुकाम हासिल कर रहे हैं। नीट से लेकर आर्म्ड फोर्सेज तक के एग्जाम सरकारी स्कूलों के बच्चे पास कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब पढ़ाई का सिस्टम बदल गया है। इसलिए हम अपने शिक्षकों को लेटेस्ट जानकारी देंगे। नवंबर महीने अगला बैच फिनलैंड जाएगा। मेरा कोई चाचा और बुआ का बेटा नहीं जाएगा। जो पात्रता रखता है उसे भेजा जाएगा। पहले हम शिक्षा के क्षेत्र में 28वें नंबर पर थे। अब 17 से पहले नंबर पर आ गए है।

भाई जैता जी म्यूजियम का शुभारंभ किया
सीएम भगवंत मान इससे पहले श्री आनंदपुर साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने पहले भाई जैता जी म्यूजियम का शुभारंभ किया। साथ ही म्यूजियम का जायजा लिया। इसके बाद वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब में पहुंचकर माथा टेका।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज भाई जैता जी म्यूजियम का शुभारंभ किया। इसमें उनके बचपन से लेकर पूरे जीवन का संघर्ष है। सीएम ने भाई जैता जी के संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया।

मैं विदेश नहीं गया, लेकिन हमारे शिक्षक गएः शिक्षा मंत्री
टीचरों के सम्मान के मौके पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा आज 71 शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे हलके के लोगों ने मुझ पर विश्वास जताकर विधानसभा में भेजा था। वहीं, सीएम ने मुझ पर विश्वास रखकर शिक्षामंत्री बनाया। शिक्षामंत्री ने कहा कि मैं विदेश नहीं गया, लेकिन हमारे प्रिंसिपल व शिक्षक विदेश यात्रा करके आए हैं। अगला बैच फिनलैंड जाने के लिए तैयार है। शिक्षामंत्री ने कहा कि पूरे पंजाब में शिक्षा विभाग का परिवार सबसे बड़ा है। कहीं भी जाए, कोई न कोई मिल जाता है। वहीं, उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र पंजाब में कई योगदान किया है। उन्होंने हैरिटेज स्ट्रीट का नींव पत्थर रखा है। इसका कल से काम शुरू हुआ। इस साल गुरु तेग बहादुर की 350 साला शताब्दी समारोह मना रहे हैं।

नींव पत्थर के 55 साल बाद हेरिटेज सिटी का शुभारंभ
सीएम ने कहा कि नींव पत्थर रखे जाने के 55 साल बाद यह विरासती मार्ग बनाया जा रहा है। श्री आनंदपुर साहिब को व्हाइट सिटी के रूप में जाना जाता है। यहां सफेद रंग के छह गेट बनाए जाएंगे, जो पुराने विरसे से संबंधित होंगे। गुरबाणी में जिन पेड़ों का उल्लेख और वर्णन है, उन्हें लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनेता पंथक नाम पर वोट लेते रहे, लेकिन खालसे की सार नहीं ली। जितना भी हमारा धार्मिक संबंध है, उनके लिए अच्छे इंतजाम किए जाएंगे। लोगों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ शटल बस सर्विस का भी इंतजाम किया जाएगा।
बाढ़ से पंजाब को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन पंजाबी डटे हुए हैं। इलाके में तीन पुल सौ करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे “ट्रेन ऑफ व्हील्स” चलती है, वैसे ही “सिखिज्म ऑन व्हील्स” शुरू किया जा सकता है, जो सभी तख्तों की सैर कराएगी। एनआरआई बहुत हैं। राजपुरा-सनेटा मार्ग को जोड़ने का मामला हमने उठाया था। उन्होंने कहा कि रेलवे के इस फैसले का स्वागत करते हैं और उम्मीद है कि यह जल्दी ही शुरू हो जाएगा। नैना देवी रोपवे के मुद्दे पर भी विचार किया जाएगा। वहीं, श्री आनंदपुर साहिब में पानी पर लगने वाले टैक्स के मुद्दे पर भी इस दौरान चर्चा हुई।
बाढ़ के चलते प्रोग्राम में हुई देरी
शिक्षा विभाग की ओर से हर साल यह समारोह 5 सितंबर को आयोजित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष उस समय राज्य में भयंकर बाढ़ की स्थिति थी। इसी कारण सरकार ने शिक्षक दिवस समारोह को स्थगित कर दिया था और बाद में इसे आयोजित करने का ऐलान किया था। अब यह समारोह ऐतिहासिक शहर श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान 55 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड, 10 टीचरों को यंग टीचर अवॉर्ड, तीन को विशेष अवॉर्ड और तीन को प्रबंधकीय अवॉर्ड दिया जाएगा।

टीचरों से केवल पढ़ाई का काम लिया जाएगा
आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में कई स्तरों पर सुधार किए गए हैं। लगभग 2,000 करोड़ रुपए की लागत से आठ हजार स्कूलों में 1,200 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल और 13,000 नए कक्षाओं का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, स्कूलों में बाथरूम, वाई-फाइ सुविधा, स्कूल गार्ड जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
राज्य में 118 स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ घोषित किया गया
राज्य में 118 स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ घोषित किया गया है, जबकि ‘स्कूल ऑफ ब्रिलिएंस’ की पहल भी शुरू की गई है। साथ ही, शिक्षकों को सिंगापुर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है ताकि वे आधुनिक शिक्षण तकनीक सीख पाए। स्कूलों का रिजल्ट सुधरा है। नीट और जेईई एडवांस जैसे रिजल्ट बहुत अच्छे रहे हैं। शिक्षामंत्री का साफ कहना है कि शिक्षकों से केवल पढ़ाने का काम लिया जाएगा। उनसे किसी तरह का दूसरा काम नहीं लिया जाएगा।
