लुधियाना में पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया : सरकारी दफ्तरों की रेकी की, विदेशी हैंडलरों के कहने पर टारगेट किलिंग का प्लान

डीजीपी गौरव यादव।

लुधियाना लुधियाना में पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लुधियाना के सरकारी दफ्तरों की रेकी कर रहे थे और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। यह जानकारी सूबे के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर साझा की।  डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी। जिसके स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), एसएएस नगर ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के साथ मिलकर लुधियाना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए    गए हैं।

यूके और जर्मनी के हैंडलरों के संपर्क में थे

डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी यूके और जर्मनी में स्थित हैंडलरों के संपर्क में थे, जो खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) से जुड़े हुए हैं और कट्टरपंथी उग्र विचारधारा से संबद्ध हैं। उनके निर्देशों पर दोनों आरोपियों ने साजिश के तहत लुधियाना में सरकारी और प्रमुख कार्यालयों की रेकी की थी।

ग्राउंड वर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी थी

डीजीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ साथ जमीनी स्तर पर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। वो अब कुछ विशिष्ट लोगों की जानकारी जुटाकर अपने आकाओं को देने के साथ ग्राउंड वर्क कर रहे थे।

एसएएस नगर में दर्ज की गई एफआईआर

डीजीपी ने बताया कि इस संबंध में थाना SSOC, एसएएस नगर में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के और कहां- कहां संबंध हैं, इसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा उनको और क्या- क्या जिम्मेदारियां दी गई है, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने पहले ही बढ़ाई थी सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा

लुधियाना में आतंकी हमले की धमकी मिलने के बाद जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए थे। अगस्त माह में सरकारी दफ्तरों में हमले का इनपुट मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई थी। पुलिस के सीनियर अधिकारी तब इसे रूटीन बता रहे थे। तब से लेकर अब तक कई सरकारी दफ्तरों के बाहर इस तरह की सुरक्षा लगी रही।  सूत्रों के अनुसार, तब आतंकी संगठनों ने ईमेल या फोन के जरिए शहर के सरकारी भवनों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इस सूचना के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी थी। हालांकि पुलिस अफसरों ने ऐसी किसी भी ईमेल या फोन पर धमकी मिलने की सूचना से इनकार कर दिया था।

दफ्तरों के बाहर लगा दी सुरक्षा

अगस्त 2024 से पुलिस ने जगराओं ब्रिज, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल बिल्डिंग, डीआईजी कोठी, सर्किट हाउस, थाना डिवीजन नंबर 6, थाना डिवीजन नंबर 5, सीपी दफ्तर के बाहर एलिवेटिड रोड, साहनेवाल, खन्ना एसएसपी दफ्तर के बाहर व अन्य स्थानों पर पुलिस पक्के तौर पर तैनात कर दी थी।

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