‘युद्ध नशे विरुद्ध’ का दूसरा चरण शुरू, केजरीवाल–मान बोले—एकजुट होकर पंजाब को जड़ों से नशामुक्त बनाएंगे

जालंधर/विजयपाल सिंह

पंजाब को नशामुक्त बनाने के संकल्प को और मजबूत करते हुए ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत बुधवार को फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में की गई। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब ने देश को दिखा दिया है कि नशों के खिलाफ असली जंग कैसे लड़ी जाती है। उन्होंने बताया कि पहले चरण की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब दूसरा चरण जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ेगा, जिसमें हर गांव और हर वार्ड की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ के पहले चरण में पंजाब ने इतिहास रच दिया है। बीते दस महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ 28 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें 88 प्रतिशत मामलों में दोषियों को सजा हुई। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 42 हजार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 350 बड़े तस्कर भी शामिल हैं। पहली बार नशे के पैसे से बनाई गई आलीशान कोठियों और इमारतों पर बुलडोजर चला कर यह संदेश दिया गया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि 1.50 लाख से अधिक वालंटियरों वाली ग्राम रक्षा समितियां (VDC) इस जन आंदोलन की रीढ़ बन चुकी हैं, जो जमीनी स्तर पर नशा तस्करी की जानकारी सरकार तक पहुंचा रही हैं।

केजरीवाल ने बताया कि आम लोग 9899100002 पर मिस्ड कॉल देकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। 10 जनवरी से 30 जनवरी तक पूरे राज्य में पदयात्राएं निकाली जाएंगी और 13 फरवरी को ‘पिंडां दे पहरेदार’ वालंटियरों का भव्य राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजा जाता था, लेकिन पहली बार पंजाब सरकार ने अपने संसाधनों से एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे, जिससे तस्करी पर बड़ी चोट पड़ी है। साथ ही नशा पीड़ितों के इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्रों की हालत सुधारी गई है और बेड क्षमता 1500 से बढ़ाकर करीब 5000 कर दी गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस या सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब को नशे के दलदल में धकेला, जिनके पाप कभी माफ नहीं किए जा सकते। वर्तमान सरकार बिना किसी डर के बड़े-बड़े तस्करों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ का दूसरा चरण पहले से भी ज्यादा सफल होगा और पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 61 हजार से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरियां दी हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधार किए गए हैं।

इस मौके पर वरिष्ठ आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पहले चरण में सख्त कार्रवाई और पुनर्वास पर फोकस किया गया, जबकि दूसरे चरण में आम जनता सीधे तौर पर नशा तस्करों के खिलाफ खड़ी होगी। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलबीर सिंह, तरुणप्रीत सिंह सोंद, सांसद राज कुमार चब्बेवाल, अशोक मित्तल सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पंजाब की जनता के सहयोग से यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा और आने वाली पीढ़ियों को नशे की बर्बादी से बचाया जाएगा।

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