अखंड केसरी (अंकित भास्कर) :- जालंधर वासियों के लिए एक बड़ी खबर है! अगर आप देर रात तक लाउड म्यूजिक या सड़कों पर बेवजह हॉर्न बजाने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाइए। पुलिस कमिश्नर **धनप्रीत कौर** ने शहर की शांति बनाए रखने के लिए सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत लागू ये आदेश **8 जुलाई 2026** तक प्रभावी रहेंगे।
🚨 क्या हैं नए नियम? (एक नजर में)**
प्रशासन ने शोर प्रदूषण को रोकने के लिए “नो टॉलरेंस” पॉलिसी अपनाई है:
नो हॉर्न ज़ोन: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साइलेंस जोन और रिहायशी इलाकों में हॉर्न बजाना पूरी तरह वर्जित है (सिर्फ इमरजेंसी को छोड़कर)।
मैरिज पैलेस और होटलों पर नकेल:** रात 10 बजे के बाद ढोल, भोंपू, डीजे या किसी भी तरह के साउंड एंप्लिफायर पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गाड़ियों का म्यूजिक:** अगर आपकी कार के म्यूजिक सिस्टम की आवाज गाड़ी से बाहर सुनाई दी, तो पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार खड़ी है।
प्राइवेट पार्टी के नियम:** निजी स्थानों पर भी शोर का स्तर निर्धारित मानकों से **5 dB (A)** से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
**⚠️ उल्लंघन किया तो क्या होगा?**
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए आदेश दिया गया है कि:
बढ़ते ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, बीमारों और विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य जालंधर को एक शांत और बेहतर शहर बनाना है।
**याद रखें:** आपकी मस्ती किसी और की नींद में खलल न डाले। शांति बनाए रखें, सुरक्षित रहें!
