जालंधर । पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं भलाई मंत्री मोहिंदर भगत ने आज शहर में एक धार्मिक समागम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
यहां सर्किट हाउस में पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली, मेयर विनीत धीर तथा अन्य व्यक्तित्वों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, पीरों और संतों की धरती है और साझीवाली की मिसाल है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर फूट डालने की कोशिश करने वालों का धर्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म को किसी एक पार्टी से जोड़ना छोटी सोच की निशानी है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करते हुए धार्मिक समागम सबको मिलजुल कर श्रद्धा भावना से मनाने चाहिए।
पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन के नाम पर हल्की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब को तोड़ने के लिए भाजपा एंटी पंजाब एजेंडा चला रही है, जिसे किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस धार्मिक प्रोग्राम रोकने के लिए नहीं, बल्कि दस्तावेजों में कमी-पेशी को पूरा करवाने के लिए गई थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार धर्म के नाम पर पंजाब को बांटने की भाजपा की कोशिशों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पहली बार परशुराम जयंती भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में मनाई गई। इसके अलावा पठानकोट में पहली बार नव संवत राजकीय स्तर का समागम भी करवाया गया। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा श्री राम तीर्थ में करीब 25 करोड़ के कार्य भी शुरू किए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों को साईं दास स्कूल जालंधर की ग्राउंड में हो रहे धार्मिक समागम में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह सनातन का समागम है, जिसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाए। सनातन सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा ने समिति द्वारा सनातन की सेवा के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने धर्म के नाम पर शहर में फूट डालने की कोशिश की निंदा भी की।
इस मौके पर खादी बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह आहलूवालिया, ‘आप’ नेता नितिन कोहली, दिनेश ढल्ल, काउंसलर जतिन गुलाटी, पाला जलालपुरिया के अलावा कष्ट निवारण बाला जी मंदिर शेखा बाजार की प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
