शब्द, जालंधर, 1 अप्रैल: सिख राजनीति में उस समय हलचल और तेज हो गई जब पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह रजोआना द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को लिखे गए पत्र ने नया मोड़ ले लिया। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह ढामी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शिरोमणि कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब के हर आदेश और दिशा-निर्देश का पूरी निष्ठा के साथ पालन करेगी। उन्होंने बताया कि रजोआना द्वारा भेजा गया पत्र जत्थेदार साहिब को प्राप्त हो चुका है और इस पर आगे की कार्रवाई अब अकाल तख्त साहिब के निर्णय पर निर्भर करेगी। ढामी ने यह भी याद दिलाया कि रजोआना की फांसी की सजा के खिलाफ दायर की गई दया याचिका भी उस समय के सिंह साहिबानों और जत्थेदार साहिब के निर्देशों के आधार पर ही दायर की गई थी। SGPC का कहना है कि रजोआना की रिहाई या दया याचिका को वापस लेने को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब जो भी फैसला करेगा, उसे तुरंत लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरे पंथ की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए SGPC सर्वोच्च धार्मिक संस्था के हर आदेश को गंभीरता से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल पूरे मामले में अब सभी की नजरें जत्थेदार साहिब के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
