उत्तर भारत के सबसे बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश: पंजाब पुलिस ने 132 जालसाजों को किया गिरफ्तार, ₹1.07 करोड़ कैश और 19 लग्जरी गाड़ियां बरामद**

लुधियाना में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना; 98 लैपटॉप और 229 मोबाइल फोन भी जब्त

शब्द, एआईआर मुख्यालय, 16 मई:** पंजाब पुलिस ने उत्तर भारत में सक्रिय अब तक के सबसे बड़े साइबर धोखाधड़ी सिंडिकेट (गैंग) का भंडाफोड़ करते हुए एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस हाईटेक ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लुधियाना और अन्य प्रमुख ठिकानों से 132 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना ढंग से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। इनके निशाने पर मुख्य रूप से विदेशी नागरिक होते थे, जिन्हें ये लोग कंप्यूटर पर फर्जी पॉप-अप स्कैम (Pop-up Scams), रिमोट एक्सेस टूल्स और बैंक सुरक्षा से जुड़े फर्जी अलर्ट भेजकर अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 7 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी, 98 लैपटॉप, 229 मोबाइल फोन और 19 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल इस काले कारोबार में किया जा रहा था।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी केवल पंजाब के नहीं हैं, बल्कि वे दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से संबंध रखते हैं, जो इस बात का सबूत है कि यह नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था। जांच में सामने आया है कि यह गैंग फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करता था और खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करता था। एक बार जब पीड़ित इनके झांसे में आ जाता था, तो ये लोग चालाकी से उनके पैसे अपने फर्जी (फर्जी नाम से खोले गए) बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइबर अपराध था। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की गहन पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे इस रैकेट से जुड़े कई अन्य बड़े चेहरों और बैंक खातों के मास्टरमाइंड का खुलासा होने की उम्मीद है।

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