नगर निगम की टीम ने कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन से बल की सहायता मांगी थी। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शांतिपूर्ण ढंग से तस्कर के घर के बाहर बनी सीढ़ी और शटर को तोड़ा गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि नगर निगम की टीम द्वारा कई बार दीपक के घर पर नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं दिया गया था।
आरोपी पर पांच केस दर्ज हैं
एडीसीपी राकेश यादव ने बताया कि एसीपी आदित्य भाटिया समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि दीपक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 5 मामले दर्ज हैं। उस पर पहला मामला 2017 में दर्ज हुआ था और आखिरी हाल ही में दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के घर पर कई बार छापेमारी की। वह अभी भी फरार चल रहा है।

अधिकारी बोले- घर का नक्शा पास नहीं था
नगर निगम के एटीपी सिमरन पाल सिंह ने बताया कि दीपक के घर का बिल्डिंग प्लान पास नहीं था, जिसके कारण कई बार नोटिस भेजे गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार को सुनवाई के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन कोई भी कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ।
इसके बाद अंतिम नोटिस जारी कर आज यह कार्रवाई की गई। परिवार द्वारा नोटिस न मिलने के दावों पर एटीपी ने कहा कि उनके पास सभी नोटिस की प्रतियां मौजूद हैं और नगर निगम बिना नोटिस के कोई कार्रवाई नहीं करता है।
