चेयरमैन ने एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम-1989 संबंधी पुलिस अधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग में की शिरकत
लोगों को अधिनियम की धाराओं, अधिकारों और सजाओं के बारे में जागरूक करने पर भी दिया जोर
फिल्लौर (जालंधर), 15 अप्रैल: पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी द्वारा आज यहां महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस एकेडमी में एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम-1989 संबंधी पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित विशेष ट्रेनिंग वर्कशॉप में विशेष रूप से शिरकत की गई।
वर्कशॉप के बाद बातचीत करते हुए चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पास सालाना स्तर पर बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंचती हैं, जिनमें पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें भी शामिल है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों के जमीनी स्तर पर और तेजी से निपटारे के उद्देश्य से पंजाब सरकार, एस.सी. आयोग और पुलिस विभाग द्वारा विस्तृत चर्चा के बाद पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग का प्रयास किया गया है, जिसके तहत उन्हें एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम के बारे में ट्रेनिंग मुहैया करवाई जा रही है।
श्री गढ़ी ने कहा कि इस ट्रेनिंग का उदेश्य एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम के प्रभावशाली अमल के लिए पुलिस अधिकारियों को इस कानून संबंधी विस्तार से जानकारी देना, संवेदनशील मामलों में अधिनियम के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित बनाना और इस अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि आज के सेशन में लगभग 78 डी.एस.पी. स्तर के पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा ट्रेनिंग सेशन में माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर वकीलों द्वारा भी शमूलियत की गई।
चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार कमजोर वर्ग के साथ-साथ हर वर्ग के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा लोगों की शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करके उन्हें राहत पहुंचाने का काम पूरी गंभीरता से किया जा रहा है। उन्होंने लोगों को एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं, अधिकारों और सजाओं के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
ट्रेनिंग प्रोग्राम में डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव और स्पेशल डी.जी.पी.-कम-डायरेक्टर अनीता पुंज का विशेष योगदान रहा।
ट्रेनिंग सेशन के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा एस.सी./एस.टी. अत्याचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
