नई दिल्ली/वॉशिंगटन (SHABD, AIR, HQ):** वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को अनिश्चित काल के लिए जारी रखने को तैयार है। पेंटागन के हालिया आकलन के अनुसार, इस सैन्य अभियान के कारण अमेरिका पर अब तक 25 बिलियन डॉलर से अधिक का भारी वित्तीय बोझ पड़ चुका है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन पीछे हटने के मूड में नहीं है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से ईरान को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यदि तेहरान अपने परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को जारी रखता है, तो किसी भी प्रकार के समझौते की गुंजाइश नहीं होगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रुकी हुई शांति वार्ताओं के बीच अब ईरान के साथ संवाद केवल ‘टेलीफोनिक’ स्तर तक ही सीमित रह गया है। यह गतिरोध तब और गहरा गया जब वॉशिंगटन ने किसी भी युद्धविराम (Ceasefire) के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने की शर्त रख दी, जिसे तेहरान ने दबाव में बातचीत करने से इनकार करते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता की लहर है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के प्रमुख ने संकेत दिया है कि ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का भंडार इस्फहान सुविधा केंद्र में रखे जाने की संभावना है, जिससे यूरोप और एशिया की सरकारें हाई अलर्ट पर हैं। ईरान के भीतर आर्थिक स्थिति चरमरा रही है; नाकेबंदी के कारण वहां की मुद्रा ‘रियाल’ डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, ईरानी सांसदों का दावा है कि देश के पास लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने के लिए पर्याप्त ड्रोन और मिसाइल क्षमता मौजूद है।
वर्तमान स्थिति इसलिए भी अधिक अस्थिर है क्योंकि कूटनीतिक समाधान का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। जहां एक ओर अमेरिका परमाणु रियायतों पर अड़ा है, वहीं दूसरी ओर नाकेबंदी के कारण पश्चिम एशिया में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। लेबनान में स्थिति बेहद ‘विनाशकारी’ बताई जा रही है, जहां आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से 1.2 मिलियन से अधिक लोग भीषण भुखमरी का सामना कर रहे हैं। इस बीच, इजरायली सेना द्वारा लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किए गए हालिया हमलों ने क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है।
