दुबई से पंजाब तक का सफर
कुलविंदर सिंह कंग की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है। वे लंबे समय तक दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में रहे। वहां उन्होंने एक साधारण इलेक्ट्रीशियन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी मेहनत और हुनर के दम पर उन्होंने वहां इलेक्ट्रीशियन का एक बड़ा और सफल कारोबार स्थापित किया।
मिट्टी से जुड़ाव
विदेश में सफलता पाने के बावजूद कुलविंदर सिंह का दिल हमेशा अपनी मिट्टी और अपने पंजाब के लिए धड़कता रहा। समाज सेवा और अपने प्रदेश की दशा सुधारने के संकल्प के साथ वे वापस लौटे और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखा।

संगठन के प्रति निष्ठा का फल
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुलविंदर सिंह कंग पिछले कई वर्षों से लगातार भाजपा की मजबूती के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। गांव कंग जगीर में उनकी अच्छी पकड़ है और कार्यकर्ताओं के बीच वे काफी लोकप्रिय हैं। उनकी इसी निष्ठा और कार्यशैली को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह अहम पद सौंपा है।
2027 के विधानसभा चुनाव का लक्ष्य
अपनी नियुक्ति के बाद कुलविंदर सिंह कंग ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव पंजाब के भविष्य के लिए निर्णायक होंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं घर-घर जाकर भाजपा का प्रचार करेंगे। उनका मानना है कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को हर दरवाजे तक पहुँचाना ही जीत की कुंजी है।
पंजाब को ‘सोने की चिड़िया’ बनाने का संकल्प
कंग ने जोर देकर कहा कि पंजाब को फिर से आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य पंजाब को नशा मुक्त और विकासशील बनाकर इसे फिर से वही गौरव दिलाना है, जब इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था।”
कार्यकर्ताओं में उत्साह
इस नियुक्ति से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि कंग के पास विदेशों में काम करने का अनुभव और प्रबंधन कौशल है, जिसका लाभ अब पंजाब भाजपा को मिलेगा। उनकी नियुक्ति पर क्षेत्र के विभिन्न नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।
