नितिन गडकरी ने शुरू की देश की पहली बैरियर-रहित टोल तकनीक; अब बिना रुके टोल भरेंगे वाहन**

नई दिल्ली/सूरत, 1 मई 2026:** भारत के सड़क बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत करते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री **नितिन गडकरी** ने गुजरात में नेशनल हाईवे-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित **चोरायासी टोल प्लाजा** पर देश की पहली **मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF)** बैरियर-रहित टोलिंग प्रणाली का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक तकनीक भारत के राजमार्गों पर यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से लाई गई है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब वाहनों को टोल टैक्स देने के लिए न तो रुकना पड़ेगा और न ही अपनी गति धीमी करनी होगी। यह तकनीक ‘हाईवे ऑन द गो’ के सपने को साकार करती है, जहाँ सड़क पर लगे कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान कर सीधे खाते से टोल राशि काट लेंगे।
इस प्रणाली के तकनीकी पक्ष की बात करें तो यह **ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR)** और उन्नत **FASTag** सेंसर के संयोजन पर आधारित है। जैसे ही कोई वाहन टोल क्षेत्र से गुजरता है, हाई-स्पीड कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं और RFID रीडर FASTag से जुड़ी जानकारी को कैप्चर कर लेते हैं। यह पूरी प्रक्रिया मिलीसेकंड में पूरी हो जाती है, जिससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।
डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। श्री गडकरी ने इस अवसर पर कहा कि इस तकनीक के व्यापक कार्यान्वयन से न केवल यात्रियों के कीमती समय की बचत होगी, बल्कि वाहनों के बार-बार रुकने और चलने से होने वाली ईंधन की बर्बादी में भी भारी कमी आएगी। इसके परिणामस्वरूप कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान है। साथ ही, मानवीय हस्तक्षेप कम होने से टोल संग्रह की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी। यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Share This Article
Leave a comment