जालंधर देहाती पुलिस द्वारा गोल्डी बराड़ के नाम पर 2 करोड़ की फिरौती मांगने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

जालंधर, 29 मार्च : जालंधर देहाती पुलिस ने गोल्डी बराड़ के नाम पर एक एनआरआई बुजुर्ग दंपति से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

 

सीनियर पुलिस कप्तान जालंधर (देहाती) हरविंदर सिंह विर्क के निर्देशानुसार और समाज-विरोधी तत्वों व रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत पुलिस कप्तान (तफ्तीश) विनीत अहलावत, उप पुलिस कप्तान सब-डिवीजन नकोदर ओंकार सिंह बराड़ तथा डीएसपी (तफ्तीश) इंद्रजीत सिंह की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प बाली और सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, मुख्य अधिकारी थाना सदर नकोदर भी शामिल थे।

 

टीम ने आधुनिक, मानवीय और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करते हुए गांव शंकर में रहने वाले एनआरआई बुजुर्ग दंपति से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले दोनों मुल्जिमों को ट्रेस करके गिरफ्तार कर लिया।

 

मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान (तफ्तीश) विनीत अहलावत ने बताया कि 21 मार्च 2026 को बलजिंदर कौर पत्नी पवित्र सिंह, निवासी गांव शंकर, थाना सदर नकोदर ने शिकायत दर्ज कराई कि 12 जनवरी 2026 को रात करीब 11:30 बजे उनके पति को एक अज्ञात विदेशी नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को गोल्डी बराड़ ग्रुप से जुड़ा बताते हुए 2 करोड़ रुपये की मांग की और 10 दिनों में पैसे तैयार रखने को कहा। अन्यथा गंभीर परिणामों की धमकी दी गई।

 

इसके बाद 21 मार्च 2026 को उनके बेटे रणजीत सिंह (जो विदेश में रहते है) ने बताया कि उन्हें भी एक विदेशी नंबर से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिला। इसमें एक दिन में 1.5 करोड़ रुपये मांगे गए और धमकी दी गई कि गांव शंकर में उनके घर पर गोली चलाई जाएगी। दोषियों ने उनकी संपत्ति की भी जानकारी दी, जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार और बड़ी कोठी का जिक्र था।

 

इस शिकायत के आधार पर मुकदमा नंबर 53, दिनांक 21.03.2026 के तहत धारा 308(5), 3(5) बीएनएस, थाना सदर नकोदर, जिला जालंधर में दर्ज किया गया।

 

तफ्तीश के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता का बेटा रणजीत सिंह विदेश में रहता है, जबकि उसके बुजुर्ग माता-पिता गांव शंकर में रहते हैं। मुल्जिम तीर्थ सिंह ससुराल पक्ष का रिश्तेदार है और कनाडा का निवासी है। वह फरवरी महीने में परिवार सहित भारत आया था। उसने गांव धर्मकोट का टैक्सी ड्राइवर जश्नदीप सिंह उर्फ जश्न के साथ मिलकर साजिश रची।

 

तीर्थ सिंह ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति की अंदरूनी जानकारी दी। दोनों ने धमकियां देकर पैसे वसूलने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक जश्नदीप सिंह को 25 लाख रुपये और तीर्थ सिंह को 1.25 करोड़ रुपये मिलने थे।

 

जश्नदीप सिंह ने ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय ई-सिम (e-SIM) प्राप्त करके अपने घर से ही कॉलें और मैसेज भेजे। तीर्थ सिंह, जो विदेश में ट्रांसपोर्ट का अच्छा कारोबार करता है, पैसे के लालच में इस अपराध में शामिल हो गया।

 

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें माननीय अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि और गहराई से तफ्तीश की जा सके।

 

दर्ज मुकदमा

मुकदमा नंबर 53, दिनांक 21.03.2026, धारा 308(5), 3(5) बीएनएस, थाना सदर नकोदर, जिला जालंधर

 

गिरफ्तार आरोपियों के विवरण:

1. तीर्थ सिंह पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी बहादरपुर, थाना बिलगा, जिला जालंधर।

2. जश्नदीप सिंह उर्फ जश्न पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी धर्मकोट, थाना सदर नवां शहर, जिला शहीद भगत सिंह नगर।

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