चंडीगढ़, 2 जुलाई:** पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कपूरथला में तैनात साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत की गहन जांच के बाद अमल में लाई गई है। शिकायतकर्ता, सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सतिंदर बीर सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद स्कूली विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन के लिए अमृतसर में ‘एजूराइज एंटरप्राइज’ नामक एक फर्म शुरू की थी। इस फर्म ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कपूरथला के ब्लॉक भुलत्थ के अंतर्गत आने वाले 14 सरकारी स्कूलों की 187 छात्राओं के साइकोमेट्रिक टेस्ट (मनोवैज्ञानिक परीक्षण) कराने की अनुमति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), कपूरथला के कार्यालय में आवेदन किया था। सरकारी नियमों के मुताबिक, इस टेस्ट के लिए सरकार द्वारा कंपनी को प्रति छात्रा 700 रुपये का भुगतान किया जाना तय था।
आरोप है कि इस काम की मंजूरी दिलाने के बदले जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात आरोपी परमजीत सिंह ने पहले प्रति छात्रा 200 रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे बाद में जिला शिक्षा अधिकारी का हवाला देकर घटाकर 150 रुपये प्रति छात्रा कर दिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत मांगने की इस पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया गया और सबूत के तौर पर मुख्यमंत्री के एंटी-करप्शन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि रिकॉर्डिंग और शुरुआती जांच में आरोपी पर लगे आरोप पूरी तरह सही पाए गए, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो पुलिस थाना, जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच का दायरा केवल यहीं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभाग के अन्य संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
