BREAKING : पंजाब की राजनीति में बड़ा धमाका! कांग्रेस में टूट की आहट, सांसद पहुंचे शाह के दरबार, चन्नी की मीटिंग में सिर्फ 25 नेता

चन्नी के घर लगा नेताओं का जमावड़ा और वहां पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते कांग्रेस नेता। इनसेट में पूर्व सीएम चन्नी की फाइल फोटो।

लुधियाना/चमकौर साहिब :  बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के बाद अब पंजाब कांग्रेस में टूट के आसार हैं। गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा गुपचुप दिल्ली पहुंचे हैं। यहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान वे भाजपा के राज्यसभा सांसद तरूण चुघ के साथ नजर आए।

इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से पूर्व सीएम और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपने घर मोरिंडा में कांग्रेस नेताओं की इमरजेंसी मीटिंग बुला ली। इसमें 3 मौजूदा विधायक समेत 25 नेता शामिल हुए। नेताओं के आने का सिलसिला अभी जारी है।

कांग्रेस आलाकमान ने लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का प्रदेश कांग्रेस प्रमुख का पद बरकरार रखा है। इस फैसले से नेताओं में नाराजगी है। फरवरी 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं।

दिल्ली में BJP सांसद तरूण चुघ व सुखजिंदर सिंह रंधावा एक साथ दिखे।
दिल्ली में BJP सांसद तरूण चुघ व सुखजिंदर सिंह रंधावा एक साथ दिखे।

चन्नी की मीटिंग में ये नेता पहुंचे

चन्नी के बुलावे पर MLA तृप्त राजिंदर बाजवा, बरनाला के विधायक काला ढिल्लों, कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत कोटली, पूर्व MLA गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, लखबीर लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदनलाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर ढिल्लो, कमलजीत कड़वल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक चन्नी के घर पहुंचे।

कांग्रेस में बगावत से जुड़े अपडेट्स

  • चन्नी अपने समर्थक नेताओं के साथ विचार विमर्श करके बड़ा फैसला ले सकते हैं। मीटिंग में पहुंचे पूर्व MLA दर्शन बराड़ ने दोटूक कहा कि अगर चन्नी को प्रधान न बनाया गया तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती। चरणजीत चन्नी का नाम चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस प्रधान पद के लिए फाइनल था, लेकिन अचानक इसे बदलते हुए लुधियाना के सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रखी गई।
  • वहीं चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बना दिया गया। हालांकि चन्नी इससे नाराज हो गए और उन्होंने कांग्रेस हाईकमान का धन्यवाद तक नहीं किया। चन्नी के एक करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- प्रधान न बनाए जाने से चन्नी बहुत खफा हैं और अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर दिया है। वह शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं।
  • पूर्व MLA तरसेम डीसी ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की प्रधानगी में कांग्रेस सरकार नहीं बना सकती। पंजाब के लोग चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि हाईकमान ने जो फैसला दिया है। उसे मानना चाहिए।
  • पूर्व MLA तरसेम डीसी ने कहा- चरणजीत सिंह चन्नी ने मुझे नहीं बुलाया था। उन्होंने कहा कि एजेंडे का पता ही नहीं। चरणजीत चन्नी जो मीडिया ब्रीफ करेंगे, उससे पता चलेगा कि बैठक में क्या हुआ है। जिनको भी जिम्मेदारी हाईकमान ने दी थी, उसमें उनकी रजामंदी थी। सभी को मिलकर कांग्रेस के लिए काम करना चाहिए।

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