ब्राजील का टूटा विश्व कप सपना : विश्व कप से बाहर होते ही भावुक हुए नेमार, मैदान पर छलके आंसू

मियामी/ स्पोर्ट्स डेस्क

फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील का छठी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना राउंड ऑफ 16 में ही टूट गया। नॉर्वे ने रोमांचक मुकाबले में पांच बार की विश्व विजेता टीम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। हार के कुछ ही देर बाद ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का एलान कर दिया। इसके साथ ही ब्राजील फुटबॉल के एक यादगार दौर का भी अंत हो गया। मैच के बाद भावुक नेमार ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा, ‘मैंने पूरी कोशिश की, मैंने पूरी कोशिश की। अब सब खत्म हो गया। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और यहीं मेरा सफर खत्म हुआ।’

नेमार ब्राजील की हार के बाद मैदान पर ही फूट फूटकर रोने लगे। उन्हें रापिन्हा और मार्क्विनहोस ने फिर शांत कराया। हालांकि, नेमार रोते-रोते ही ड्रेसिंग रूम में जाते दिखे। नेमार ब्राजील के दिग्गजों में से एक रहे हैं। चोट से उनका करियर प्रभावित रहा।

हालंद के दो गोलों ने तोड़ी ब्राजील की उम्मीदें

मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ब्राजील ने शुरुआत से ही दबाव बनाया, लेकिन नॉर्वे का मजबूत डिफेंस उसके सामने दीवार बनकर खड़ा रहा। 79वें मिनट में आंद्रेस स्केजलडेरप के शानदार क्रॉस पर एरलिंग हालंद ने हेडर के जरिए गोल कर नॉर्वे को बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद हालंद ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया और ब्राजील की मुश्किलें बढ़ा दीं।इंजरी टाइम में लियो ओस्टीगार्ड द्वारा कैसेमीरो पर फाउल किए जाने के बाद ब्राजील को पेनल्टी मिली। अतिरिक्त समय के 10वें मिनट में नेमार ने इसे गोल में बदला, लेकिन यह केवल हार का अंतर कम कर सका। नॉर्वे ने 2-1 से जीत दर्ज कर पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।

ब्राजील के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे नेमार

यह गोल नेमार का इस विश्व कप में पहला और अंतरराष्ट्रीय करियर का 80वां गोल रहा। उन्होंने ब्राजील के लिए 130 मुकाबलों में 80 गोल और 59 असिस्ट दर्ज किए। इसी के साथ वह ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपने इंटरनेशनल करियर को अलविदा कह गए।

नेमार ने अपने करियर में ब्राजील को 2013 फीफा कनफिडरेशन कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा 2016 रियो ओलंपिक में घरेलू मैदान पर टीम को ऐतिहासिक ओलंपिक स्वर्ण पदक भी दिलाया। विश्व कप से पहले उनकी फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, लेकिन मुख्य कोच कार्लो एंसेलोट्टी ने उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया था।

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