जालंधर- डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने आज नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘युद्ध नशे के विरुद्ध ’ मुहिम को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत तथा प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में हुई बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस कमिश्नर सहित विभिन्न विभागों द्वारा नशों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों का जायजा लिया। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही नशा विरोधी मुहिम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसकी नियमित समीक्षा पर जोर दिया, ताकि नशे के खिलाफ चल रही गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।
इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी. और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस भी मौजूद थे।
पंजाब सरकार द्वारा नशे के पूर्ण खात्मे की वचनबद्धता को दोहराते हुए श्री वालिया ने कहा कि इस समस्या को जिले से जड़ से खत्म करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने के साथ-साथ गांवों और शहरों में जागरूकता मुहिम में भी तेजी लाई जाए, ताकि लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके। उन्होंने जिले में चल रहे ओट क्लीनिकों, नशा छुड़ाने के केंद्रों और पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि नशे से संबंधित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ मुहिम को और मजबूती तथा तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक के दौरान नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने सुझाव भी साझा किए।
बैठक में नशा मुक्ति मोर्चा के दोआबा इंचार्ज अतिन अग्निहोत्री, विभिन्न विभागों के अधिकारी, नशा मुक्ति मोर्चा के जिला इंचार्ज (शहरी) शैंकी भगत, नशा मुक्ति मोर्चा के जिला इंचार्ज (देहाती) अजय भील और हलका कोऑर्डिनेटर भी मौजूद थे।
