केरल के वायनाड में बड़ा हादसा: सुरंग की मिट्टी बहने 2 की मौत, कई लोग मलबे में दबे ; JCB से रेस्क्यू किया जा रहा

वायनाड केरलम के वायनाड में मंगलवार सुबह तेज बारिश के चलते लैंडस्लाइड हुआ। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, 8 लोग घायल हुए हैं। कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ।यहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। टनल से मिट्टी निकालकर बाहर जमा की गई थी। बारिश के चलते मिट्टी खिसक गई, जिससे पेड़ उखड़ गए और बैरिकेड भी बह गए।

हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, इसमें दिख रहा है कि 7 जुलाई को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर सुरंग से तेज लहर के साथ आया मलबा एक टैंकर को तिनके की तरह बहाकर ले गया। दो लोग इसके मलबे में फंसे। पुलिस, NDRF की टीम रेस्क्यू कर रही है। मलबा हटाने के लिए JCB मशीनें लगाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सोमवार से ही सुरंग कंस्ट्रक्शन का काम रोक दिया गया था।

मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के तहत मलप्पुरम को वायनाड से सुरंग (टनल) के जरिए जोड़ना है। टनल की लंबाई करीब लगभग 8.17 किमी है। इसकी लागत करीब ₹2,100–2,200 करोड़ है। दो साल पहले भी वायनाड में एक के बाद एक तीन भूस्खलन हुए थे, जिसमें 400 से ज्यादा जानें चली गई थीं।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें…

हादसा सीसीटीवी में कैद हुआ, इसमें दिख रहा है कि 7 जुलाई को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर तेज लहर टैंकर को अपने साथ ले गई। - Dainik Bhaskarहादसा सीसीटीवी में कैद हुआ, इसमें दिख रहा है कि 7 जुलाई को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर तेज लहर टैंकर को अपने साथ ले गई।

स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।हादसे वाली जगह पर टनल कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था।
हादसे वाली जगह पर टनल कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था।
पुलिस-एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची है।
पुलिस-एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची है।
जहां मलबा बहकर आया वहां कंस्ट्रक्शन साइट में काम करने वाली गाड़ियां भी खड़ीं थीं।
जहां मलबा बहकर आया वहां कंस्ट्रक्शन साइट में काम करने वाली गाड़ियां भी खड़ीं थीं।

वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है

वायनाड, केरलम के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरलम का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरलम का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पर पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है।

वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है।

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