शब्द, नई दिल्ली, 24 मई:** भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। रांची में आयोजित फेडरेशन कप में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ के दौरान एक ऐसा रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसने देश के खेल इतिहास को बदलकर रख दिया। महज दो दिनों के भीतर भारत का 100 मीटर नेशनल रिकॉर्ड एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे तीन बार टूटा। पंजाब के रफ्तार के सौदागर गुरिंदरवीर सिंह और ओडिशा के उभरते सितारे अनिमेश कुजूर के बीच ट्रैक पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस सांस रोक देने वाले मुकाबले की शुरुआत तब हुई जब सेमीफाइनल में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.17 सेकेंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने अनिमेश कुजूर द्वारा कुछ ही समय पहले बनाए गए 10.18 सेकेंड के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, अनिमेश ने भी हार नहीं मानी और अगले ही सेमीफाइनल में बिजली की रफ्तार से दौड़ते हुए 10.15 सेकेंड का समय निकाला और गुरिंदरवीर से नेशनल रिकॉर्ड वापस अपने नाम कर लिया।
ट्रैक पर चल रही इस प्रतिद्वंद्विता का असली रोमांच शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में देखने को मिला। जब दोनों धावक शुरुआती ब्लॉक पर खड़े थे, तो स्टेडियम में सन्नाटा पसरा हुआ था। गन शॉट की आवाज के साथ ही गुरिंदरवीर सिंह ने ऐसी तूफानी दौड़ लगाई कि देखने वाले दंग रह गए। उन्होंने महज 10.09 सेकेंड में रेस पूरी कर न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि भारत के इतिहास में 10.10 सेकेंड की बाधा को पार करने वाले वे पहले एथलीट बन गए। इस सनसनीखेज प्रदर्शन के साथ गुरिंदरवीर ने ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इस ऐतिहासिक फाइनल रेस में अनिमेश कुजूर 10.20 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि गुरिंदरवीर और अनिमेश की यह टक्कर भारतीय स्प्रिंटिंग (तेज दौड़) को एक नए वैश्विक स्तर पर ले जाएगी।
