कपूरथला में सियासी भूचाल: कांग्रेस के मंसू AAP के मेयर:बागी पार्षदों के समर्थन से पलटा गेम; राणा गुरजीत बोले-चुनाव अवैध, हाईकोर्ट जाएंगे

कपूरथला में आम आदमी पार्टी का मेयर बना।
कपूरथला- कपूरथला नगर निगम के मेयर चुनाव में बुधवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थन से कांग्रेस पार्षद नरिंदर सिंह मंसू को मेयर चुना गया। इसके साथ ही AAP पार्षद समीर शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और कांग्रेस पार्षद कामाक्षी दुग्गल को डिप्टी मेयर चुने जाने का दावे किए गए हैं। इस नतीजे के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, निगम चुनावों में 50 पार्षदों में से 32 सीटें जीतकर कांग्रेस को बहुमत मिला था। इसके बावजूद मेयर चुनाव से पहले पार्षदों की जोड़-तोड़ को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बागी पार्षदों के समर्थन से नरिंदर सिंह मंसू के मेयर बनने का दावा किया गया, जिसे विधायक राणा गुरजीत सिंह के गुट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

चुनाव के बाद विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे अवैध घोषित किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास 26 पार्षदों के साथ उनका अपना एक वोट मिलाकर कुल 27 वोट थे, जबकि दूसरी तरफ केवल 24 पार्षद होने के बावजूद मेयर चुने जाने का दावा किया जा रहा है।

मेयर बोले-शहर का विकास करेंगे

राणा ने अपने समर्थक पार्षदों को मीडिया के सामने पेश कर संख्याबल प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर वह हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उधर, नवनिर्वाचित मेयर नरिंदर सिंह मंसू ने आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी पार्षदों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कपूरथला शहर का विकास होगा और नगर निगम में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

 

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