नई दिल्ली, 08 जुलाई (शब्द):** हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मंगलवार को की गई इस ताजा कार्रवाई में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय रडार स्थलों और जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताओं सहित 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी हमलों और तेल बिक्री पर मिली छूट को अचानक रद्द किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसके जवाब में ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ईरानी सशस्त्र बल अमेरिका को इसका “करारा जवाब” देंगे और तेहरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने इन हमलों को अमेरिका-ईरान समझौते का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाएगा।
इस सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने एक बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जो दोनों देशों के बीच लड़ाई खत्म करने के अंतरिम समझौते का हिस्सा था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट के अनुसार, अब ईरान को तेल उत्पादन, वितरण और बिक्री की सभी गतिविधियों को 17 जुलाई तक पूरी तरह समेटना होगा, जबकि पहले यह छूट 21 अगस्त तक वैध थी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी ट्रेजरी के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय का कहना है कि प्रतिबंधों के अस्थायी निलंबन को हटाना पिछले महीने हस्ताक्षरित ज्ञापन का उल्लंघन है, और इसके गंभीर परिणामों के लिए पूरी तरह से वाशिंगटन जिम्मेदार होगा।
